18th August 2026

BREAKING NEWS

मेष से मीन तक जानें सभी 12 राशियों का भविष्य, किन्हें मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

1 करोड़ की उठाईगिरी का खुलासा, 500 CCTV फुटेज खंगाल पुलिस ने सुलझाया मामला

बोले- हर रात 30-40 लोगों को मारना चाहिए

गिल का दिखा शानदार अंदाज, श्रीलंका के खिलाफ हवा में उड़कर पकड़ा जबरदस्त कैच

दोस्तों से लगी शर्त तो युवक ने बांगो डैम में लगाई छलांग, 24 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग; NDRF ने संभाला मोर्चा

Advertisment

RBI ने घटाया रेपो रेट : होम लोन और EMI अब होंगे सस्ते, आम जनता को मिलेगा बड़ा लाभ

Media Yodha Desk Fri, Dec 5, 2025

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को वह बड़ी घोषणा कर दी जिसका इंतजार करोड़ों कर्जदारों को था। बढ़ती महंगाई के बीच EMI में राहत की उम्मीद लगाए बैठे उपभोक्ताओं के लिए यह बड़ा तोहफा है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट 0.25% घटाकर 5.25% करने की घोषणा की। इसके साथ ही घर, गाड़ी और पर्सनल लोन की EMI में कमी आने का रास्ता साफ हो गया है।

संजय मल्होत्रा ने बताया कि MPC ने 3 से 5 दिसंबर तक हालात की पूरी जांच की। देश में ब्याज दरों की स्थिति, दुनिया में आर्थिक माहौल, लोगों की खरीदारी की मांग और लगातार गिरती महंगाई को देखते हुए सभी सदस्यों ने मिलकर रेपो रेट घटाने का फैसला किया। फिलहाल भारत की अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है।दूसरी तिमाही में GDP 8.2% बढ़ी और अक्टूबर 2025 में खुदरा महंगाई सिर्फ 0.25% रह गई, जो अब तक का सबसे कम स्तर है। इसी वजह से RBI के पास ब्याज दर घटाने का अच्छा मौका था।

लोन होंगे सस्ते

रेपो रेट घटने का सीधा असर बैंकों के कर्ज पर होगा। बैंक अब कम ब्याज दर पर आरबीआई से पैसा उठाएंगे, जिसका फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। होम लोन की EMI कम होगी, ऑटो लोन सस्ता होगा और पर्सनल लोन पर भी ब्याज दरों में राहत संभव है। फेस्टिव सीजन के बाद यह कदम उपभोक्ताओं की जेब को बड़ी राहत दे सकता है।

लिक्विडिटी बढ़ाने का ऐलान

RBI ने केवल रेपो रेट में कटौती ही नहीं की, बल्कि बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई कदम भी उठाए है, जैसे-

  • STF (Standing Deposit Facility) रेट घटकर 5%

  • MSF (Marginal Standing Facility) और बैंक रेट 5.5%

  • 1 लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की OMO खरीद

  • 5 बिलियन डॉलर की तीन साल की डॉलर-रुपया बाय-सेल स्वैप

इन कदमों का उद्देश्य सिस्टम में युवेल लिक्विडिटी बढ़ाना और विकास गति को बनाए रखना है।

न्यूट्रल स्टांस जारी रखा

MPC ने अपनी मौद्रिक नीति में न्यूट्रल स्टांस जारी रखने की घोषणा की। इसका मतलब है कि आगे की नीतियों में RBI महंगाई और विकास के संतुलन को प्राथमिकता में रखेगा।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन