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सांभर शिकार मामला : 12 शिकारी गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश तेज

Media Yodha Desk Sat, Dec 20, 2025

गरियाबंद : उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सांभर के शिकार के एक मामले में एंटी पोचिंग टीम ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। इस संबंध में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन ने जानकारी दी। उप निदेशक वरुण जैन के अनुसार 15 दिसंबर को कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र में गश्त के दौरान शेष पगार जलप्रपात के पास अज्ञात वन्यप्राणी के रक्त के निशान पाए गए। इसके बाद पेट्रोलिंग टीम द्वारा कैमरा ट्रैप फुटेज, गोपनीय सूचना तथा अन्य तकनीकी साधनों के आधार पर जांच की गई।

जांच में यह जानकारी सामने आई कि 11 दिसंबर को ग्राम सिहार, ग्राम डंडईपानी एवं चिंहरापारा के कुछ व्यक्ति डंडईपानी में आयोजित देवी-देवता जातरा कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वन विभाग के अनुसार 12 दिसंबर को इन्हीं गांवों के कुल 17 व्यक्तियों द्वारा कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र में एक नर सांभर का तीर-धनुष से शिकार किया गया और मांस को आपस में बांटकर घर ले जाया गया। वन विभाग ने बताया कि 16 दिसंबर को सहायक संचालक उदंती (मैनपुर) द्वारा तलाशी पत्रक जारी किए जाने के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी मैनपुर (सामान्य) तथा उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के वन अमले की उपस्थिति में आरोपियों के घरों एवं बाडिय़ों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान तीर, धनुष, फंदे, सांभर का मांस और सींग बरामद किए गए, जिन्हें नियमानुसार जब्त किया गया।

वन विभाग के अनुसार 17 दिसंबर को दो आरोपियों द्वारा जुर्म स्वीकार किया गया और उन्होंने शिकार स्थल की पहचान कराई। मौके पर सांभर के अवशेष, मांस काटने में प्रयुक्त लकड़ी तथा पकाने के चिन्ह पाए गए। घटना स्थल का पंचनामा एवं फोटो-वीडियोग्राफी की गई। वन विभाग ने बताया कि 18 दिसंबर को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 12 व्यक्तियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। वनरक्षक ओम प्रकाश राव द्वारा पी.ओ.आर. क्रमांक 10/09 दिनांक 17.12.2025 के तहत वन अपराध दर्ज किया गया प्रकरण की विवेचना उपवनक्षेत्रपाल कोमल बिसेन द्वारा की जा रही है। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार प्रकरण में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जांच प्रक्रिया जारी है।

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