: मिड जुलाई में पेश होगा 2024-25 का पूर्ण बजट
Thu, Jun 13, 2024
मिड जुलाई में पेश होगा 2024-25 का पूर्ण बजट
केंद्र सरकार 2024-25 का पूर्ण बजट मिड जुलाई में पेश करने जा रही है, BT TV के सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 17 जून तक विभिन्न मंत्रालयों और हितधारकों के साथ अपनी प्री-कंसल्टेशन बजट मीटिंग शुरू करेंगी, इस बजट को लेकर देशभर में खासा उत्साह है, क्योंकि यह आने वाले वर्ष के आर्थिक दिशा-निर्देश तय करेगा।
पहला सत्र और इसकी प्रक्रियाएँ
पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से 3 जुलाई तक चलेगा, इस सत्र में नए निर्वाचित सदस्यों की शपथ ग्रहण होगी, इसके अलावा, स्पीकर का चुनाव, राष्ट्रपति का अभिभाषण और उस पर चर्चा भी शामिल होगी।[caption id="attachment_4056" align="alignnone" width="1024"]
मिड जुलाई में पेश होगा 2024-25 का पूर्ण बजट[/caption]
सत्र के बाद की योजनाएँ
पहले सत्र के अनिश्चितकालीन स्थगन की संभावना नहीं है, लेकिन दूसरे भाग की शुरुआत से पहले एक ब्रेक लिया जाएगा, सूत्रों के अनुसार, दूसरा भाग वित्त वर्ष 2023-24 के आर्थिक सर्वेक्षण की प्रस्तुति के साथ शुरू होगा, जिसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश किया जाएगा।
बजट की प्राथमिकताएँ और अपेक्षाएँ
हालांकि केंद्र सरकार ने आगामी बजट के बारे में विशेष जानकारी नहीं दी है, लेकिन इसमें ₹2.11 ट्रिलियन के
RBI
डिविडेंड के उपयोग के बारे में विवरण शामिल होने की संभावना है, सरकार अपने सुधार एजेंडे को जारी रखेगी और अतिरिक्त व्यय के अवसरों की तलाश करेगी।
अंतरिम बजट और आगामी चुनौतियाँ
1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश किया था, जिसमें 2026 तक 4.5% से कम और वित्त वर्ष 2025 में 5.1% का 'फिसकल कंसोलिडेशन पाथ' बनाए रखा गया, सरकार अगले सप्ताह अपनी प्री-कंसल्टेशन मीटिंग के दौरान इस लक्ष्य को संशोधित करने पर विचार कर सकती है।
पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत
बजट की प्रक्रिया
बजट की तैयारी एक विस्तृत प्रक्रिया है, जो कई चरणों में पूरी होती है:
1. प्रारंभिक निर्देश:
वित्त मंत्रालय सभी मंत्रालयों, राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, और स्वायत्त संस्थाओं को नए वित्त वर्ष के लिए अनुमान बनाने के निर्देश देता है, इन्हें पिछले वर्ष की खर्च और आमदनी का ब्योरा भी देना होता है।
2. जांच और चर्चा:
प्राप्त अनुमानों की पड़ताल और समीक्षा के बाद संबंधित मंत्रालयों और व्यय विभाग के अधिकारियों के साथ गहन चर्चा होती है, इसके बाद इन सिफारिशों को वित्त मंत्रालय को भेजा जाता है।
3. आवंटन:
वित्त मंत्रालय सभी सिफारिशों पर गौर करने के बाद विभागों को उनके खर्च के लिए राजस्व का आवंटन करता है, राजस्व और आर्थिक मामलों का विभाग हालात को गहराई से समझने के लिए किसानों, छोटे कारोबारियों और विदेशी संस्थागत निवेशकों से संपर्क करता है।
4. प्री-बजट मीटिंग्स:
वित्त मंत्री विभिन्न पक्षों के प्रस्तावों और मांगों को जानने के लिए उनसे मिलते हैं, इनमें राज्यों के प्रतिनिधि, बैंकर, कृषि विज्ञानी, अर्थशास्त्री और कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
5. हलवा सेरेमनी:
बजट पेश होने से कुछ दिन पहले हलवा सेरेमनी होती है, जिसमें वित्त मंत्रालय के स्टाफ के बीच हलवा बांटा जाता है, इसके साथ ही बजट की छपाई प्रक्रिया शुरू होती है, इस वर्ष बजट की प्रिंटिंग नहीं हुई, और संसद सदस्यों को उसकी सॉफ्ट कॉपी दी गई।
6. बजट पेश करना:
वित्त मंत्री 1 फरवरी को लोकसभा में बजट पेश करती हैं, इस साल पहली बार बजट के सभी दस्तावेज Union Budget मोबाइल ऐप पर उपलब्ध कराए गए।
वित्तीय प्रबंधन और सुधार
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में सरकार अपने सुधार एजेंडे को जारी रखेगी और अतिरिक्त व्यय के अवसरों की तलाश करेगी, इस बजट में आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की जा सकती है, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों को लाभ होगा।इस प्रकार, 2024-25 का बजट देश की आर्थिक दिशा को निर्धारित करेगा और आर्थिक विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की यह घोषणा आने वाले समय में देश की प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
: भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान: सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी
Tue, Jun 11, 2024
आज, 11 जून, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। सेंसेक्स करीब 200 अंक चढ़कर 76,700 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी में भी करीब 60 अंकों की तेजी दर्ज की गई, जो 23,320 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज के कारोबार में रियल्टी सेक्टर सबसे आगे रहा, जिससे निवेशकों का ध्यान आकर्षित हुआ।
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भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान: सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी[/caption]
रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी
NSE के
रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा 1.40% की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.70% की बढ़त रही। ऑटो, फार्मा और PSU बैंक इंडेक्स भी मामूली तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 शेयरों में तेजी और 7 शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
इक्सिगो का IPO रिटेल कैटेगिरी में पांच गुना से ज्यादा भरा
ट्रैवल एग्रीगेटर इक्सिगो की मूल कंपनी ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी के IPO का आज दूसरा दिन है। कल पहले ही दिन यह IPO रिटेल कैटेगिरी में पांच गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है। रिटेल निवेशक इस IPO के लिए 12 जून तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी का शेयर ग्रे मार्केट में 28% यानी ₹26 प्रति शेयर के प्रीमियम पर पहुंच गया है। ग्रे मार्केट प्राइस (GMP) के हिसाब से इसकी लिस्टिंग ₹119 पर हो सकती है।इस इश्यू के जरिए कंपनी टोटल ₹740.10 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें ₹120 करोड़ के 12,903,226 नए शेयर इश्यू किए जाएंगे और मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए ₹740.10 करोड़ के 79,580,900 शेयर बेचेंगे
विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी
NSE के प्रोविजनल डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 10 जून को 2,572.38 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। यह लगातार दूसरा कारोबारी दिन था जब विदेशी निवेशकों ने खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 2,764.46 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
अमेरिकी बाजार की तेजी
सोमवार को अमेरिकी बाजार तेजी के साथ बंद हुआ। डॉउ जोन्स एवरेज 69.05 अंक या 0.18% की तेजी के साथ 38,868 पर, एसएंडपी 500 13.8 अंक या 0.26% की उछाल के साथ 5,360 पर और नैस्डैक कंपोजिट 59.40 अंक या 0.35% चढ़कर 17,192 के स्तर पर बंद हुआ।
सोमवार को ऑलटाइम हाई पर पहुंचा था बाजार
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, 10 जून को सेंसेक्स 386 अंक चढ़कर 77,079 के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया था। निफ्टी में भी 121 अंकों की तेजी रही और यह 23,411 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा। हालांकि, दिनभर के कारोबार के बाद बाजार में गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 203 अंक की गिरावट के साथ 76,490 के स्तर पर और निफ्टी 30 अंक की गिरावट के साथ 23,259 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 17 में गिरावट और 13 में तेजी रही। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।आज के बाजार में सकारात्मक रुझान ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया है। रियल्टी, ऑयल एंड गैस और अन्य सेक्टर्स में तेजी से बाजार में निवेश का माहौल बेहतर बना हुआ है। इक्सिगो के IPO की सफलता ने रिटेल निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ाया है। विदेशी निवेशकों की बढ़ती रुचि से भारतीय बाजार की मजबूती बनी हुई है। अमेरिकी बाजार की तेजी ने भी सकारात्मक संकेत दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में बाजार में और तेजी की संभावना है।
मोदी कैबिनेट 3.0: विविधता में एकता की झलक
यह सकारात्मक माहौल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत है और निवेशकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलता है। लगातार बढ़ते विदेशी निवेश और मजबूत IPO सब्सक्रिप्शन से बाजार में स्थिरता और विकास की उम्मीदें बढ़ी हैं।
: RBI ने बैंकों से IT इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया
Sat, Jun 8, 2024
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों को अपने बिजनेस ग्रोथ और वॉल्यूम के अनुसार IT इंफ्रास्ट्रक्चर में पर्याप्त निवेश करने को कहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग के बाद शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह महत्वपूर्ण बात कही।
तकनीकी रुकावटें: बैंकों की जिम्मेदारी
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि तकनीकी रुकावटों का मुख्य कारण बैंकों की खुद की समस्याएं हैं, ना कि NPCI और UPI की। उन्होंने कहा, "जब भी कोई तकनीकी रुकावट आती है, तो समस्या NPCI और UPI में नहीं होती, बल्कि बैंकों की समस्याएं होती हैं। इसके कई कारण हैं, जिनसे हम निपट रहे हैं।"
कोटक महिंद्रा बैंक पर लगी थी रोक
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कोटक महिंद्रा बैंक पर लगी थी रोक[/caption]हाल ही में RBI ने कोटक महिंद्रा बैंक के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर सुपरवाइजरी कंसर्न का हवाला देते हुए ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग चैनलों के माध्यम से नए ग्राहकों को जोड़ने और नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी थी। यह प्रतिबंध किसी भी संभावित लंबे समय तक रुकावट को रोकने के लिए लगाए गए थे, ताकि बैंक की कस्टमर सर्विस पर और डिजिटल बैंकिंग व पेमेंट सिस्टम्स के फाइनेंशियल इकोसिस्टम पर कोई गंभीर प्रभाव न पड़े।
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ICICI बैंक ने बढ़ाया IT और साइबर सिक्योरिटी पर खर्च
ICICI बैंक ने हाल ही में घोषणा की है कि उसने इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी पर अपने खर्च को काफी हद तक बढ़ा दिया है। बैंक ने इसे 2019 में टोटल ऑपरेटिंग एक्सपेंस के 5.6% से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 9.4% कर दिया है। ICICI बैंक को पिछले कुछ समय में आउटेज की कई घटनाओं का सामना करना पड़ा था।
IT रेसिलिएंस और कस्मर सिक्योरिटी पर फोकस
ICICI बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप बत्रा ने चौथी तिमाही के रिजल्ट घोषित करने के बाद कहा, "IT रेसिलिएंस और कस्मर सिक्योरिटी हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है और यह किसी बजट की बाध्यता नहीं है।" उन्होंने यह भी बताया कि बैंक के पास क्विक रिकवरी और करेक्टिव एक्शंस लेने की क्षमता है और वे अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने पर निरंतर फोकस कर रहे हैं।
निवेश और सुधार के लिए प्रतिबद्धता
संदीप बत्रा ने कहा, "यह एक सतत प्रयास है और किसी भी बैंक में रुकावट और खामियां हो सकती हैं। हमारे पास क्विक रिकवरी और करेक्टिव एक्शंस लेने की क्षमता है और हम अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने पर फोकस करेंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि बैंक जब भी निवेश की आवश्यकता होगी, वह इसे प्राथमिकता देगा।
ब्याज दरों में स्थिरता: ग्राहकों को राहत
भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार आठवीं बार ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है, जिससे ग्राहकों को राहत मिली है। RBI ने ब्याज दरों को 6.5% पर जस का तस रखा है। इसका मतलब है कि लोन महंगे नहीं होंगे और आपकी EMI भी नहीं बढ़ेगी।
RBI
ने आखिरी बार फरवरी 2023 में दरें 0.25% बढ़ाकर 6.5% की थीं।
कोटक बैंक और ICICI बैंक की पहल
कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने IT इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 400 इंजीनियर हायर करने की योजना बनाई है। यह कदम बैंक के IT प्लेटफॉर्म को और अधिक मजबूत बनाने में मदद करेगा, जिससे RBI द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का प्रभाव कम होगा।ICICI बैंक ने भी अपने iMobile ऐप में तकनीकी खामियों को सुधारने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। बैंक ने बताया कि 17,000 नए क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स लीक हुई थीं, लेकिन एरर की वजह से किसी भी मिसयूज की घटना नहीं हुई।भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर में पर्याप्त निवेश करने का निर्देश दिया है ताकि तकनीकी रुकावटों को कम किया जा सके। कोटक महिंद्रा बैंक और ICICI बैंक ने भी अपने-अपने स्तर पर सुधार के कदम उठाए हैं, जिससे कस्टमर सिक्योरिटी और IT रेसिलिएंस को मजबूत किया जा सके। ब्याज दरों में स्थिरता से ग्राहकों को राहत मिली है और यह सभी कदम मिलकर भारतीय बैंकिंग सिस्टम को और भी सशक्त बनाएंगे।