: वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी ने बनाई स्पष्ट बढ़त, 3 लाख वोटों की गिनती बाकी
admin Sat, Nov 23, 2024
वायनाड लोकसभा सीट के उपचुनाव के पहले परिणामों के अनुसार, कांग्रेस-प्रणाली से जुड़े यूडीएफ उम्मीदवार प्रियंका गांधी ने स्पष्ट बढ़त बनाई है।
वर्तमान में प्रियंका गांधी 3,12,876 वोटों से आगे चल रही हैं,
जबकि वायनाड में कुल 3 लाख वोटों की गिनती बाकी है।
यूडीएफ के कैंप का दावा है
कि प्रियंका गांधी को 4 लाख से अधिक वोटों की बहुमत मिलेगी।
गिनती प्रक्रिया और केन्द्र
वायनाड लोकसभा क्षेत्र के वोटों की गिनती तीन विभिन्न केन्द्रों पर की जा रही है। कालेपेट्टा, मनंथवाडी और बाथेरी विधानसभा क्षेत्रों के वोटों की गिनती कालेपेट्टा स्थित एसकेएमजे स्कूल में हो रही है। निलाम्बुर, एरनाड और वंडूर विधानसभा क्षेत्रों के वोटों की गिनती अमल कॉलेज, मायलडी स्किल डवलपमेंट बिल्डिंग में की जा रही है। वहीं, थिरुवंबाडी विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गिनती सेंट मेरीज एलपी स्कूल, कूटाथाई में की जा रही है।कम मतदान प्रतिशत पर प्रतिक्रियाएं
वायनाड में 13 नवंबर को हुए चुनावों में कम मतदान प्रतिशत ने सभी राजनीतिक मोर्चों को चिंता में डाल दिया है। इस बार मतदान प्रतिशत 64.71 प्रतिशत रहा, जो अप्रैल में हुए चुनावों के 73.57 प्रतिशत से कम था। हालांकि, चुनावी मोर्चे इस बात का दावा कर रहे हैं कि कम मतदान का उनके राजनीतिक वोटों पर कोई असर नहीं पड़ा है और यह उनके विरोधियों के लिए थकान का कारण बनेगा।प्रियंका गांधी की चुनावी शुरुआत
वायनाड में कुल 16 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस-प्रणाली के यूडीएफ उम्मीदवार प्रियंका गांधी वाड्रा, CPI-प्रणाली के LDF के सत्तान मोकेरी और भाजपा-प्रणाली के एनडीए उम्मीदवार नव्या हरिदास के बीच है। प्रियंका गांधी इस चुनाव में अपनी चुनावी शुरुआत कर रही हैं, जबकि सत्तान मोकेरी राजनीतिक अनुभव में काफी पुरानी हस्ती माने जाते हैं। प्रियंका गांधी इस सीट को जीतने की उम्मीद कर रही हैं, ताकि वे अपने भाई राहुल गांधी की जगह ले सकें। राहुल गांधी ने इस सीट से त्यागपत्र दे दिया था, क्योंकि उन्होंने इस वर्ष के चुनावों में दो सीटों से जीत हासिल की थी और अब वे रायबरेली से ही चुनावी राजनीति में बने रहेंगे। राहुल गांधी ने 2019 में इस सीट से जीत हासिल की थी, लेकिन उनके इस्तीफे के बाद उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी।आने वाले परिणामों की उम्मीदें
प्रियंका गांधी की बढ़त के साथ-साथ यूडीएफ के कैंप में उत्साह देखा जा रहा है। उनके पक्ष में वोटों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और उम्मीद की जा रही है कि वे बड़ी बहुमत से जीत हासिल करेंगी। वहीं, LDF और NDA के प्रत्याशी भी पूरी ताकत से अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। यह उपचुनाव सिर्फ प्रियंका गांधी के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि पार्टी इस सीट को फिर से अपनी झोली में डालने के लिए पूरे जोर-शोर से प्रयास कर रही है। वायनाड उपचुनाव के परिणामों में अब केवल कुछ घंटों का इंतजार है, जब तक पूरी गिनती पूरी नहीं हो जाती। प्रियंका गांधी की बढ़त के साथ, यह देखा जाएगा कि क्या वे अपनी चुनावी शुरुआत में बड़े बहुमत से जीतने में सफल होती हैं।विज्ञापन
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