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ईरान युद्ध का असर अब रसोई तक : चावल-गेहूं के स्टॉक पर सवाल, LPG सप्लाई को लेकर बड़ा अपडेट

Media Yodha Desk Tue, Apr 7, 2026

नई दिल्ली : ईरान युद्ध की वजह से पश्चिम एशिया की निरंतर बदल रही स्थिति के बीच सरकार ने देश के लोगों को बड़ा भरोसा दिलाया है। सरकार ने कहा है कि भारत खाद्य सुरक्षा, ईंधन आपूर्ति, भारतीय नागरिकों और समुद्री परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर कड़ी नजर रख रहा है और देश में खाद्य और ऊर्जा उत्पादों के पर्याप्त भंडार और पुख्ता व्यवस्था है। सरकार ने इस दौरान कहा है कि देश में पर्याप्त मात्रा में चावल और गेहूं जैसे खाद्यान्न भंडार मौजूद हैं। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की संयुक्त सचिव सी. शिखा ने एक बयान में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश का खाद्यान्न भंडार संतोषजनक और निर्धारित बफर मानकों से काफी अधिक है। मौजूदा समय में लगभग 222 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 380 लाख मीट्रिक टन चावल का भंडार उपलब्ध है, जो कुल मिलाकर लगभग 602 लाख मीट्रिक टन है जो निर्धारित आवश्यकता का लगभग तीन गुना है।

कीमतें बनी हुई हैं स्थिर

संयुक्त सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से कमजोर वर्गों को निरंतर सहायता दी जा रही है, जबकि खुला बाजार बिक्री योजना के तहत नियंत्रित रूप से अनाज जारी कर कीमतों को स्थिर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और राज्यों को अतिरिक्त वितरण के लिए रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं राज्य एजेंसियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है और इसकी तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। सुचारु खरीद सुनिश्चित करने के लिए विविध स्रोतों और आकस्मिक योजनाओं के माध्यम से पैकेजिंग सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।

LPG पर क्या अपडेट?

इस बीच पश्चिम एशिया से एलपीजी लेकर आ रहे भारतीय ध्वज वाले पोत 'ग्रीन संघवी' और 'ग्रीन आशा' पिछले दो दिनों में सुरक्षित रूप से होर्मुज को पार कर चुके हैं। सरकार ने कहा है कि एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है और मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त खेप पहले ही सुनिश्चित कर ली गई हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न स्थिति की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है और मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त खेप पहले ही सुनिश्चित कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि तेल और गैस कम्पनियां स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और राज्यों द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि वितरण सुचारु रहे और जमाखोरी या कालाबाजारी को रोका जा सके।

LPG की कमी नहीं- सरकार

उन्होंने कहा कि एलपीजी वितरण केंद्रों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है और व्यापक स्तर पर आपूर्ति कार्य जारी है। प्रतिदिन लगभग 50 लाख गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है, जिसमें ऑनलाइन बुकिंग का प्रतिशत 97 तक पहुंच गया है। आपूर्ति में गड़बड़ी रोकने के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन लगभग 90 प्रतिशत वितरण में लागू किया जा चुका है। बिना रुकावट सेवा सुनिश्चित करने के लिए वितरक छुट्टियों और रविवार के दिन भी कार्य कर रहे हैं।

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