बस्तर (छत्तीसगढ़): : इंद्रावती बचाओ पदयात्रा: किसानों ने उठाया जल संकट का मुद्दा, कांग्रेस का समर्थन
admin Tue, Apr 29, 2025
भीषण गर्मी में सूखती इंद्रावती नदी को लेकर बस्तर के किसानों ने एक बार फिर आवाज बुलंद की है। चित्रकोट जलप्रपात से शुरू हुई तीन दिवसीय ‘इंद्रावती बचाओ पदयात्रा’ में किसानों ने नदी को संरक्षित करने का संकल्प लिया है। इस आंदोलन को कांग्रेस पार्टी का खुला समर्थन मिला है।
🚶♂️ 40 किलोमीटर की पदयात्रा: इंद्रावती के लिए जनजागरण
चित्रकोट से धरमपुरा तक कुल 40 किमी की यह यात्रा 3 दिनों में पूरी होगी
पहले दिन: 20 किमी
दूसरे दिन: 15 किमी
तीसरे दिन: 5 किमी
पदयात्रा के समापन पर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया जाएगा
बस्तर के सैकड़ों किसान आंदोलन में शामिल हैं, जो नदी की दुर्दशा से आहत हैं
🌾 किसानों की पीड़ा: फसलें सूखी, भविष्य अधर में
इंद्रावती नदी का जलस्तर घटने से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है
किसान लखेश्वर कश्यप ने बताया, “सही समय पर सिंचाई न होने के कारण भारी नुकसान हुआ है”
कई गांवों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है
🏞️ चित्रकोट जलप्रपात पर भी खतरा
विश्वप्रसिद्ध ‘मिनी नियाग्रा’ चित्रकोट जलप्रपात पर भी सूखने का खतरा मंडरा रहा है
यदि इंद्रावती नदी में जल प्रवाह नहीं बढ़ाया गया, तो यह पर्यटन स्थल भी सूख सकता है
🗳️ कांग्रेस का समर्थन: पानी के बंटवारे पर उठाए सवाल
कांग्रेस के पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा:
“ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच 50-50 पानी बांटने का समझौता हुआ था, फिर भी बस्तर को उसका हिस्सा नहीं मिला।”
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि:
“डबल इंजन सरकार और सिंचाई मंत्री बस्तर से होने के बावजूद समाधान नहीं निकला”
“मुख्यमंत्री के दौरे पर ही इंद्रावती में पानी छोड़ा जाता है, जिससे नदी और सूख जाती है”
💧 स्थायी समाधान की मांग: मटनार और देऊरगांव बैराज बने
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा:
“इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में बैराज बनाया जाए। इससे जल संरक्षण और सिंचाई दोनों संभव होंगे।”
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