25th April 2026

BREAKING NEWS

इन 5 राशि वालों को मिलेगी खुशखबरी, नई नौकरी के भी बनेंगे योग; आइए जानते हैं मेष से मीन तक का विस्तृत भविष्यफल

सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, 16 जिलों में एक साथ होगी व्यापम परीक्षा, जारी हुआ पूरा शेड्यूल

कानून-व्यवस्था को मजबूत करने बड़ा कदम, 69 पुलिसकर्मियों का प्रशासनिक तबादला, एसपी ने जारी किए आदेश

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के पुरुष-महिला खिलाड़ी आमने-सामने, दिखेगा दमखम

CGPSC और व्यापमं परीक्षाओं में अब ‘फुलप्रूफ’ सुरक्षा व्यवस्था, नकल करते पकड़े गए तो 3 साल का बैन

Advertisment

Green Cave in CG : छत्तीसगढ़ में ग्रीन गुफा की खोज, कांगेर घाटी में जल्द ही पर्यटन के नए अवसरों की होगी शुरुआत

Media Yodha Desk Mon, Jan 5, 2026

Green Cave in CG: छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

Green Cave in CG: कांगेर घाटी में मिली पन्ने सी चमकती अनोखी 'ग्रीन गुफा', जल्द  खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार | Kelo Pravah

वन मंत्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है।

Green Cave in Chhattisgarh : कांगेर घाटी में मिली अनोखी 'ग्रीन गुफा', जल्द  खुलेंगे पर्यटन के नए आयाम - Lalluram

उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है।

ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं।

बस्तर के कांगेर घाटी में मिली अनोखी ग्रीन गुफा, पर्यटन सेक्टर को मिलेगा  बढ़ावा

घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन