Gariaband Obscene Dance Case : जांच पूरी, कलेक्टर को सौंपी गई रिपोर्ट; SDM पर नियम तोड़ने के आरोप, डांसर गिरफ्तार
Gariaband Obscene Dance Case: देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल में आयोजित छह दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम के दौरान हुए अश्लील डांस मामले की जांच पूरी कर ली गई है। अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। कलेक्टर की अंतिम टिप्पणी के बाद यह रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए कमिश्नर को भेजी जाएगी।
जांच अधिकारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कार्यक्रम की अनुमति देते समय निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
पुलिस व तहसील की अनुमति नहीं ली गई, आयोजन में मजा लेने की भी हुई पुष्टि
जांच अधिकारी अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने कई बिंदुओं पर मामले की जांच की, जिसमें आयोजन की अनुमति की प्रक्रिया और आयोजन में एसडीएम की उपस्थिति के उद्देश्य पर केंद्रित किया गया था। जांच अधिकारी ने आयोजक मंडल के सदस्य, कोटवार, सरपंच, पंच और मीडिया कर्मियों के बयान दर्ज किए।
बयानों से यह बात साफ हुआ कि एसडीएम ने 29 दिसंबर को आवेदन लेकर उसी तारीख को अनुमति दे दी। जिस नरेंद्र साहू को अध्यक्ष बताकर आवेदक बनाया गया, उसे आवेदन के संबंध में जानकारी ही नहीं थी। पुलिस और तहसीलदार के प्रतिवेदन नहीं लिए गए, न ही भूमि स्वामी की सहमति ली गई। प्रतिवेदन मांगने और शामिल करने की प्रक्रिया को एसडीएम ने केवल कागजों में ही दर्शाया। बयानों से एसडीएम की आयोजनों में उपस्थिति और मजा लेने की पुष्टि भी हुई है।
अश्लील आयोजन में 15वीं गिरफ्तारी, डांसर को मुचलके पर छोड़ा गया
अश्लील आयोजन में 8 जनवरी को प्रस्तुति देने वाली डांसर सुचित्रा जेना को गिरफ्तार कर मुचलके पर छोड़ा गया। थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि गिरफ्तारी थाना धर्मशाला क्षेत्र, जिला जाजपुर में हुई। मामले में देवभोग पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ धारा 296, 3-5 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर पहले ही 14 आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया था।
ओडिशा के थाने में ही निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। 9 जनवरी के आयोजन में शामिल निशा महाराणा की तलाश पुलिस कर रही है। निशा ने कार्यक्रम से पहले वीडियो जारी कर भीड़ बढ़ाने की अपील की थी। शर्मसार करने वाला डांस 9 जनवरी को आयोजित था, जिसमें एसडीएम थिरकते नजर आए थे।
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