24th April 2026

BREAKING NEWS

कानून-व्यवस्था को मजबूत करने बड़ा कदम, 69 पुलिसकर्मियों का प्रशासनिक तबादला, एसपी ने जारी किए आदेश

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के पुरुष-महिला खिलाड़ी आमने-सामने, दिखेगा दमखम

CGPSC और व्यापमं परीक्षाओं में अब ‘फुलप्रूफ’ सुरक्षा व्यवस्था, नकल करते पकड़े गए तो 3 साल का बैन

महिलाओं के लिए खुशखबरी! महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी की डेडलाइन आगे बढ़ी, जानें नया अपडेट

युवक का मुंडन कर जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाया

Advertisment

तालिबानी सजा का आरोप : युवक का मुंडन कर जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाया

Media Yodha Desk Fri, Apr 24, 2026

सूरजपुर : सूरजपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चोरी के शक में एक युवक को कथित तौर पर ‘तालिबानी सजा’ दी गई। आरोप है कि गांव के सरपंच पति ने युवक का सिर मुंडवाकर उसे जूते-चप्पलों की माला पहनाई और गांव में घुमाया। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, यह मामला रामानुजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पस्ता का है। आरोप है कि गांव में सौर पैनल के तार चोरी होने के शक में एक युवक को पकड़ लिया गया। इसके बाद सरपंच पति और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर युवक के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार किया।

पीड़ित युवक के पिता ने बताया कि आरोपी ने पहले युवक का मुंडन कराया, फिर उसे अर्धनग्न कर दिया गया। इसके बाद उसके गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाकर पेट और पीठ पर ‘चोर’ लिखी तख्ती टांग दी गई। आरोप है कि इसके बाद युवक को गांव में घुमाया गया और उसके साथ मारपीट भी की गई। परिजनों का कहना है कि इस पूरी घटना में सरपंच पति के साथ गांव के सचिव और अन्य लोग भी शामिल थे। घटना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, लेकिन किसी ने इसका विरोध नहीं किया। इस घटना से पीड़ित परिवार मानसिक रूप से आहत है और उन्होंने इसे मानव गरिमा के खिलाफ बताया है।

घटना के बाद युवक के पिता ने रामानुजनगर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना है कि बिना किसी प्रमाण के केवल शक के आधार पर इस तरह की सजा देना कानून के खिलाफ है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले को संज्ञान में लिया है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की सत्यता की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।

यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और सामाजिक व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े करती है। किसी भी व्यक्ति को बिना जांच और कानूनी प्रक्रिया के इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाना आवश्यक है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर चर्चा है और कई लोग इसे गलत बता रहे हैं। पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में है और चाहता है कि दोषियों को सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन