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क्या आपका फोन जासूस बन चुका है : Google secretly डेटा कर रहा कलेक्शन!

Media Yodha Desk Tue, Jan 27, 2026

आज की डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन हमारी रोज़मर्रा की जरूरत बन चुका है. खासतौर पर Android फोन की बात करें तो इनमें Google की कई सर्विस पहले से मौजूद होती हैं. Gmail से लेकर Google Maps, Chrome और YouTube तक, शायद ही कोई यूजर होगा जो इनका इस्तेमाल न करता हो. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि इन ऐप्स के जरिए Google आखिर हमारे फोन से कौन-सी जानकारी इकट्ठा करता है और क्या यह सब हमारी जानकारी में होता है या नहीं.

असल में Google का दावा है कि वह यूजर्स को बेहतर और पर्सनल अनुभव देने के लिए डेटा का इस्तेमाल करता है. जैसे ही आप अपने फोन में लोकेशन ऑन रखते हैं, Google यह समझ पाता है कि आप कहां जाते हैं, कितनी देर किसी जगह रुकते हैं और कौन-से रास्तों का इस्तेमाल करते हैं.

इसी तरह जब आप Google पर कुछ सर्च करते हैं तो वह जानकारी आपकी सर्च हिस्ट्री में सेव हो जाती है. YouTube पर देखे गए वीडियो और उन्हें देखने में बिताया गया समय भी रिकॉर्ड किया जाता है ताकि आगे आपको आपकी पसंद से जुड़े सुझाव दिखाए जा सकें.

अगर आप जानना चाहते हैं कि Google आपके बारे में क्या-क्या जानकारी संभाल कर रखे हुए है तो इसके लिए आपको कहीं और जाने की जरूरत नहीं है. अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर Google ऑप्शन खोलें और वहां Manage your Google Account पर टैप करें.

इसके बाद Data & Privacy सेक्शन में पहुंचते ही आपको वे सभी एक्टिविटी दिखाई देंगी जिन्हें Google ट्रैक करता है. यहां Web & App Activity, Location History और YouTube History जैसे विकल्प मिलते हैं जिनके जरिए आप खुद देख सकते हैं कि कौन-सी जानकारी स्टोर हो रही है.

अच्छी बात यह है कि Google यूजर्स को अपने डेटा पर कंट्रोल भी देता है. अगर आप नहीं चाहते कि आपकी लोकेशन ट्रैक हो तो Location History को बंद किया जा सकता है. वहीं Auto-Delete फीचर की मदद से आप तय कर सकते हैं कि आपका पुराना डेटा कुछ महीनों बाद अपने आप डिलीट हो जाए. इसके अलावा Ad Personalization को ऑफ करने से आपकी ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर टार्गेटेड विज्ञापन दिखना भी बंद हो जाते हैं.

Google पूरी तरह से आपके डेटा को छुपकर इस्तेमाल करता है ऐसा कहना सही नहीं होगा क्योंकि वह आपको उसे देखने और कंट्रोल करने का विकल्प देता है. बस जरूरत है थोड़ी जागरूकता की. अगर आप समय-समय पर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करते रहते हैं तो आपका डेटा काफी हद तक सुरक्षित रह सकता है और आप बिना चिंता के स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

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