: छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र 2024: पट्टा वितरण का मुद्दा छाया
रायपुर, छत्तीसगढ़: विधानसभा के शीतकालीन सत्र 2024 के पहले दिन सदन में पट्टा वितरण का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई। सत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इसके बाद विपक्ष ने पट्टा वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा।
विपक्ष ने लगाए आरोप
- भाजपा विधायकों ने सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य के कई क्षेत्रों में गरीबों और आदिवासियों को पट्टा वितरण की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
- विपक्ष ने यह भी कहा कि कई पात्र लोगों को पट्टा नहीं मिला है, जबकि अपात्र लोगों को लाभ दिया गया।
- भाजपा विधायक नारायण चंदेल ने कहा, "सरकार सिर्फ कागजों पर योजनाएं बना रही है, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं दिख रहा।"
- उन्होंने मांग की कि सरकार पट्टा वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करे और इसे प्राथमिकता दे।
सरकार का जवाब
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा:- "सरकार ने अब तक लाखों गरीब परिवारों को पट्टा वितरित किया है।"
- उन्होंने यह भी बताया कि आदिवासी और पिछड़े वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं लागू की गई हैं।
- भूपेश बघेल ने कहा कि "कुछ क्षेत्रों में देरी जरूर हुई है, लेकिन इसे जल्द ही निपटा लिया जाएगा।"
- राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने सदन को आश्वस्त किया कि पट्टा वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और पात्र लोगों को जल्द ही लाभ मिलेगा।
क्या है पट्टा वितरण योजना?
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के गरीब, भूमिहीन और आदिवासी समुदायों के लिए पट्टा वितरण योजना चलाई है।- इस योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को खेती योग्य भूमि और घर बनाने के लिए जमीन का पट्टा दिया जाता है।
- सरकार का उद्देश्य है कि सभी वंचित वर्गों को मूलभूत अधिकारों और स्थायी निवास का लाभ मिले।
सदन में अन्य मुद्दे भी आए चर्चा में
पट्टा वितरण के अलावा, सत्र के पहले दिन कृषि ऋण माफी, रोजगार योजनाएं और नक्सल समस्या जैसे विषय भी चर्चा में रहे।- भाजपा ने किसानों के लंबित ऋण और बोनस के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
- वहीं, कांग्रेस विधायकों ने सरकार की योजनाओं का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।
नतीजा
सत्र के पहले दिन पट्टा वितरण का मुद्दा गरमाया रहा। मुख्यमंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार गरीबों और वंचितों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाकर अगले कुछ दिनों में सत्र के और अधिक आक्रामक होने के संकेत दिए हैं।विज्ञापन
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