सोने की कीमतों में आई तेजी : कमजोर डॉलर और वैश्विक तनाव से निवेशकों का झुकाव बढ़ा
मुंबई/नई दिल्ली। सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद मंगलवार, 3 जून 2025 को फिर से उछाल देखने को मिला है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपनाया है, जिससे इसकी कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।
मुंबई में 22 कैरेट सोना अब 90,610 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा है, वहीं 24 कैरेट शुद्ध सोना 98,850 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी की कीमत भी 100 रुपये की बढ़त के साथ 1,00,100 रुपये प्रति किलो हो गई है, जो इस साल की सबसे ऊंची कीमतों में से एक है।
📉 MCX पर रही हल्की गिरावट, घरेलू बाजार की चाल अलग
हालांकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार सुबह के शुरुआती सत्र में थोड़ा उल्टा ट्रेंड देखने को मिला।
MCX पर सोना 0.26% गिरकर 97,701 रुपये/10 ग्राम पर पहुंच गया।
वहीं चांदी 1.01% लुढ़ककर 99,991 रुपये/किलो पर कारोबार कर रही थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिजिकल डिमांड और ज्वेलरी सेक्टर की सक्रियता के चलते घरेलू बाजार में सोने की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं, भले ही वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहे।
🏙️ आपके शहर में सोने का क्या है भाव? जानें प्रमुख शहरों के लेटेस्ट रेट
शहर | 22 कैरेट (₹/10 ग्राम) | 24 कैरेट (₹/10 ग्राम) |
|---|---|---|
दिल्ली | ₹90,760 | ₹99,000 |
जयपुर | ₹90,760 | ₹99,000 |
अहमदाबाद | ₹90,660 | ₹98,900 |
पटना | ₹90,660 | ₹98,900 |
हैदराबाद | ₹90,610 | ₹98,850 |
चेन्नई | ₹90,610 | ₹98,850 |
बेंगलुरु | ₹90,610 | ₹98,850 |
कोलकाता | ₹90,610 | ₹98,850 |
📊 सोने के दाम को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
सोने और चांदी की कीमतें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं, जैसे:
अमेरिकी डॉलर की चाल
इंटरनेशनल गोल्ड मार्केट
एक्सचेंज रेट और ब्याज दरों में बदलाव
शादी-ब्याह और त्योहारों की मांग
बाजार में अस्थिरता और निवेशकों की मानसिकता
भारत जैसे देश में, जहां सोना धार्मिक, सांस्कृतिक और निवेश के रूप में अत्यधिक मूल्यवान है, वहाँ इसकी कीमतों में जरा-सी हलचल भी आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन जाती है।
🛡️ सोना बना 'सुरक्षित निवेश' का विकल्प
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और यूरोप में छाई आर्थिक अनिश्चितता, गिरती बैंकिंग स्थिरता और मंदी की आशंका ने निवेशकों को सुरक्षित ठिकाने की ओर रुख करने को मजबूर किया है। यही वजह है कि ग्लोबल लेवल पर गोल्ड एक बार फिर रिफ्यूज एसेट के रूप में उभर कर सामने आ रहा है।
📌 नोट: सोने और चांदी की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं, इसलिए निवेश से पहले ताजातरीन अपडेट और किसी वित्तीय सलाहकार की राय लेना हमेशा उचित होता है।
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