: वीर बाल दिवस 2024 गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों को श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीर बाल दिवस के अवसर पर गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों को नमन किया। इस मौके पर उन्होंने उनके बलिदान और साहस की प्रशंसा करते हुए समाज को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।
सीएम का संबोधन:
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा:"गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों ने धर्म और मानवता के लिए जो बलिदान दिया है, वह इतिहास में अद्वितीय है। उनकी कुर्बानी आज भी हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। वीर बाल दिवस उनके अदम्य साहस और निष्ठा को स्मरण करने का दिन है।"
साहिबजादों के बलिदान को किया याद:
- साहिबजादा अजीत सिंह और साहिबजादा जुझार सिंह ने चमकौर की गढ़ी की लड़ाई में शहीदी पाई।
- साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह ने सिरहिंद के नवाब द्वारा दी गई क्रूरतम यातनाओं का सामना करते हुए धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
राज्यभर में आयोजन:
वीर बाल दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।- स्कूल और कॉलेजों में विशेष सेमिनार: साहिबजादों की कहानी बच्चों को सुनाई गई।
- प्रार्थना सभाएं: गुरुद्वारों में कीर्तन और अरदास का आयोजन हुआ।
- रैली और प्रदर्शनी: युवाओं ने उनके जीवन से प्रेरित होकर समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री मोदी की पहल:
वीर बाल दिवस को पहली बार 26 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली। इस दिन का उद्देश्य साहिबजादों की कुर्बानी को श्रद्धांजलि देना और युवाओं को उनके बलिदान से प्रेरणा देना है।विज्ञापन
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