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भावनगर : भावनगर के दो उज्ज्वल सितारों ने प्लेन दुर्घटना में गंवाई जान, गांव में शोक की लहर, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

admin Sat, Jun 14, 2025

हाल ही में हुए प्लेन हादसे ने गुजरात के भावनगर जिले के दो परिवारों की खुशियों को गहरा आघात पहुँचाया। इस दुखद दुर्घटना में भावनगर जिले के तलाजा तालुका के दो होनहार – एक भावी डॉक्टर राकेश दिहोरा और युवा डॉक्टर काजलबेन सोलंकी – का असमय निधन हो गया। दोनों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाए गए, जहां पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

भावनगर का बेटा राकेश दिहोरा - एक सुनहरे भविष्य का सपना अधूरा रह गया

तलाजा तालुका के सोसिया गांव निवासी राकेश दिहोरा बीजे मेडिकल कॉलेज, अहमदाबाद में सेकंड ईयर के छात्र थे। डॉक्टर बनने का सपना लिए वह अपनी पढ़ाई में पूरी लगन से जुटे थे। लेकिन दुर्भाग्यवश इस प्लेन दुर्घटना ने उनका सपना अधूरा छोड़ दिया।

उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही पूरे सोसिया गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री निमूबेन बांभनिया, विधायक, जिला भाजपा अध्यक्ष सहित कई प्रमुख संगठन के नेता भी पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया।

राकेश के पिता खेती-बाड़ी से जुड़े हैं। बेटे की इस असामयिक मृत्यु ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। बड़े भाई विपुलभाई भी भाई के असमय जाने से टूट गए हैं। गांव के लोगों ने इस युवा छात्र के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना की थी, जो अब हमेशा के लिए अधूरी रह गई।

डॉ. काजलबेन सोलंकी - समाज सेवा का सपना लेकर चल बसीं

तलाजा के देवली गांव की मूल निवासी डॉ. काजलबेन सोलंकी ने एमडी होम्योपैथी तक की पढ़ाई पूरी की थी। दो वर्ष पूर्व उनकी शादी डॉ. प्रदीप सोलंकी से हुई थी। हाल ही में परिवार में खुशियों का माहौल था क्योंकि पांच दिन पहले ही उनका 'श्रीमंत' (गोद भराई) कार्यक्रम संपन्न हुआ था।

काजलबेन प्लेन दुर्घटना से एक दिन पूर्व ही बीजे मेडिकल कॉलेज पहुंची थीं, जहां उनके भाई भाविनभाई सेन्टा भी रहते हैं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और इस हंसती-खेलती जिंदगी का अंत इस भयावह हादसे ने कर दिया।

उनके अंतिम संस्कार में भी केंद्रीय मंत्री निमूबेन बांभनिया, भाजपा के जिला अध्यक्ष, स्थानीय विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने परिवार को सांत्वना दी और श्रद्धांजलि अर्पित की।

गांवों में पसरा सन्नाटा, हर आंख नम

सोसिया और देवली गांवों में मातम का माहौल है। दो परिवारों के सपने एक झटके में टूट गए। राकेश जहां भावी डॉक्टर बनने का सपना संजो रहे थे, वहीं काजलबेन समाज की सेवा करने के संकल्प के साथ चिकित्सा क्षेत्र में कदम बढ़ा चुकी थीं।

नेताओं और समाजसेवियों ने जताया शोक

केंद्रीय मंत्री निमूबेन बांभनिया ने दोनों परिवारों से मिलकर दुख जताया और कहा कि यह प्रदेश और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता करेगी

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