दुर्ग। : भारत-पाक तनाव के बीच भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा बढ़ी, ठेका श्रमिकों का होगा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। रविवार को दुर्ग पुलिस ने सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की और संयंत्र में काम करने वाले ठेका श्रमिकों की पहचान और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को मजबूत करने का फैसला लिया गया है।
🛡️ सुरक्षा बैठक में लिए गए बड़े फैसले
भिलाई के सेक्टर-6 कंट्रोल रूम में हुई बैठक की अध्यक्षता एडिशनल एसपी अभिषेक झा ने की। उन्होंने कहा:
"भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। खासतौर पर ठेका श्रमिकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए वेरिफिकेशन कैंप लगाया जाएगा।"
📲 अब क्यूआर कोड से होगी गेट पास की जांच
बैठक में तय हुआ कि भविष्य में संयंत्र में काम करने वाले हर श्रमिक का डिजिटल वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके तहत:
श्रमिकों का फिंगरप्रिंट लिया जाएगा।
गेट पास अब क्यूआर कोड आधारित होंगे, ताकि प्रवेश के समय डिजिटल पहचान हो सके।
बिना वेरिफिकेशन के किसी श्रमिक को प्लांट में एंट्री नहीं दी जाएगी।
🎯 संदिग्ध तत्वों की पहचान का अभियान
एडिशनल एसपी अभिषेक झा ने कहा कि इस ड्राइव का मकसद उन संदिग्ध या आपराधिक तत्वों की पहचान करना है जो फर्जी पहचान के जरिए संयंत्र में घुसने की कोशिश करते हैं, खासकर वे लोग जो दूसरे राज्यों से अवैध रूप से आए हैं।
उन्होंने सभी विभागों को सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क रहने के निर्देश दिए।
🚨 आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार टीम
दुर्ग पुलिस और जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल (QRT) और निगरानी टीमें तैनात की जा रही हैं।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन