कोटा : कोटा में छात्रों की आत्महत्या के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, पुलिस ने दर्ज किया केस, बनाएगा प्रोटोकॉल
admin Mon, May 26, 2025
कोटा में छात्रों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद राजस्थान सरकार और कोटा पुलिस हरकत में आ गई है। कोटा सिटी पुलिस ने आत्महत्या के एक मामले में धारा 108 बीएनएस (आत्महत्या के लिए प्रेरित करना) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि अब ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत कार्रवाई की जाएगी।
🚨 क्या कहा कोटा पुलिस ने?
कोटा शहर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में छात्रा की आत्महत्या के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।
पहले मामले में 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग (जांच) दर्ज कर जांच की जा रही थी।
अब सभी आत्महत्या के मामलों में कानूनी प्रोटोकॉल के तहत ही कार्रवाई होगी।
पुलिस अधिकारियों की बैठक कर आगे की प्रक्रिया तय की जा रही है।
🏫 IIT खड़गपुर और कोटा केस में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
IIT खड़गपुर में 22 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के मामले में एफआईआर घटना के 4 दिन बाद दर्ज होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी।
कोटा में 3 मई को नीट यूजी परीक्षा के ठीक एक दिन पहले छात्रा ने आत्महत्या की थी, इस पर भी सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए कि
🔹 संस्थानों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
🔹 एफआईआर में देरी क्यों होती है?कोर्ट ने राजस्थान सरकार को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
👥 क्या कर रही पुलिस?
कोटा पुलिस का दावा है कि
घटनास्थल पर एफएसएल टीम भेजी गई।
वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी करवाई गई।
पोस्टमॉर्टम और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महावीर नगर थाना क्षेत्र में भी आत्महत्या का एक और मामला सामने आया है। फिलहाल परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है, उनके बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज होगा।
📌 क्या है आगे की योजना?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि
✅ सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।
✅ आत्महत्या के मामलों में संस्थानों की भूमिका की जांच भी होगी।
✅ कोटा में पढ़ाई के दबाव और अन्य कारणों की भी छानबीन होगी।
✅ कोचिंग संस्थानों पर भी सवाल उठ सकते हैं।
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