नई दिल्ली: : RBI ने 10 साल पुराने निष्क्रिय खातों को दोबारा एक्टिव करने के लिए जारी किए नए नियम, ग्राहकों को बड़ी राहत
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उन बैंक खातों के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं, जो पिछले 10 साल से निष्क्रिय (Inactive) हैं। इस फैसले से ऐसे खातों में जमा राशि को दोबारा प्राप्त करना अब पहले से कहीं आसान हो जाएगा। इससे न सिर्फ खाताधारकों बल्कि उनके उत्तराधिकारियों को भी राहत मिलेगी।
क्या हैं नए नियम?
✅ किसी भी ब्रांच में KYC अपडेट:
अब ग्राहकों को अपने पुराने निष्क्रिय खाते को चालू कराने के लिए उसी ब्रांच में जाने की जरूरत नहीं, जहां खाता खोला गया था। KYC अपडेट की सुविधा अब देशभर की किसी भी ब्रांच में उपलब्ध होगी।
✅ वीडियो KYC (V-CIP) की सुविधा:
RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे वीडियो कॉल के जरिये KYC अपडेट की सुविधा भी दें। इससे वरिष्ठ नागरिकों, दूसरे शहरों में रह रहे लोगों, विदेश में रहने वाले भारतीयों और ग्रामीण इलाकों के खाताधारकों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
✅ बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स (BCs) की मदद:
ग्राहक चाहें तो बैंक के अधिकृत बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स की सहायता से भी अपना KYC अपडेट कर निष्क्रिय खाता एक्टिव करा सकते हैं।
कब निष्क्रिय होता है बैंक खाता?
अगर किसी बैंक खाते में लगातार 10 साल तक कोई लेन-देन नहीं होता या कोई दावा नहीं किया जाता, तो वह खाता निष्क्रिय माना जाता है। ऐसी जमा राशि को RBI के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है। लेकिन नए नियमों से अब ग्राहक इस राशि का आसानी से दावा कर सकेंगे।
कब से लागू हुआ नया नियम?
RBI का यह निर्देश 12 जून 2025 से पूरे देश में लागू हो चुका है। बैंकों को इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
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