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: अग्निपथ योजना पर प्रधानमंत्री मोदी का बचाव: सेना के लिए एक नई दिशा

admin Sat, Jul 27, 2024

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अग्निपथ योजना का बचाव करते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया।

सेना भर्ती की इस योजना पर नए सिरे से उठे सवालों के बीच प्रधानमंत्री ने इसे सेना को तंदुरुस्त , और युद्ध के लिए हमेशा तैयार रखने की एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से एक महत्वपूर्ण सपना पूरा हुआ है। ड्रास में 1999 के कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के बाद अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "अग्निपथ योजना देश की ताकत को बढ़ाएगी और सक्षम युवा मातृभूमि की सेवा के लिए आगे आएंगे। अग्निवीरों को निजी क्षेत्र और अर्धसैनिक बलों में प्राथमिकता देने की घोषणाएं भी की गई हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐसे संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। "कुछ लोग अपनी व्यक्तिगत रुचियों के लिए सेना के इस सुधार पर झूठ की राजनीति कर रहे हैं। ये  लोग हैं जिन्होंने सशस्त्र बलों में हजारों करोड़ रुपये के घोटालों के माध्यम से हमारी सशस्त्र बलों को कमजोर किया। ये वही लोग हैं जो चाहते थे कि Air Force को कभी भी आधुनिक लड़ाकू विमान न मिलें। ये वही हैं जिन्होंने Tejas Fighter Jet को एक बॉक्स में बंद करने की तैयारी की थी।"

 विपक्ष का विरोध

विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने बार-बार इस योजना को रद्द करने की मांग की है। यह योजना 2022 में विरोध प्रदर्शनों का कारण बनी थी। योजना का उद्देश्य भारत की सशस्त्र बलों की औसत आयु को कम करना है। इसके तहत चार साल के अनुबंध पर भर्ती की जाती है और केवल 25% भर्ती किए गए , कर्मियों को उनके कार्यकाल के अंत में बनाए रखा जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), ने भी अग्निवीर योजना की समीक्षा की मांग की है।

कांग्रेस की मांग

कांग्रेस ने 18वीं लोकसभा के पहले सत्र से पहले अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग की थी , और इसके पीछे के तर्क पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस ने पुरानी लंबी अवधि की सैन्य भर्ती प्रक्रिया को बहाल करने की मांग की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना के एक आंतरिक सर्वेक्षण ने योजना में कुछ बदलावों का प्रस्ताव किया है, जैसे कि अग्निवीरों के कार्यकाल को बढ़ाना, भर्ती सैनिकों की स्थायी दर को 25% से बढ़ाकर लगभग 60-70% करना, और तकनीकी सेवाओं में भर्ती के लिए आयु बढ़ाना। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र में अग्निपथ योजना को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था , और उनके हस्तक्षेप की मांग की थी। मई में गांधी ने कहा था कि मोदी दो प्रकार के शहीद चाहते हैं - एक जिसे मुआवजा, पेंशन और शहीद का दर्जा मिलता है, और दूसरा (अग्निवीर योजना के तहत भर्ती) जो गरीब होता है , और उसे कुछ नहीं मिलता। उन्होंने इसे भारतीय सेना का अपमान बताया।

योजना का बचाव

अग्निपथ योजना को सितंबर 2022 में लागू किया गया था और तब से दो अग्निवीर बैचों ने अपनी प्रशिक्षण पूरी कर ली है। सरकार ने बार-बार योजना का बचाव किया है, यह कहते हुए कि इसे कर्मियों की आयु प्रोफाइल को कम करने के लिए पेश किया गया था। योजना के तहत, 17.5 से 21 वर्ष की आयु के कर्मियों की भर्ती की जाती है , और प्रत्येक बैच के 25% कर्मियों को 15 वर्षों के लिए पदोन्नत और बनाए रखा जाएगा। अग्निपथ योजना भारतीय सशस्त्र बलों में एक नई ऊर्जा और जोश भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से युवाओं को देश सेवा का अवसर मिलता है और सेना को भी युवा और जोशीले सैनिक मिलते हैं। योजना को लेकर उठ रहे सवालों के बावजूद, सरकार का मानना है , कि यह देश की सुरक्षा और सेना की तंदुरुस्ती के लिए एक सकारात्मक पहल है। CUET UG 2024: एनटीए ने जारी की अंतिम उत्तर कुंजी, अब जल्द आएंगे परिणाम

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