फिरोजपुर में ब्लैकआउट ड्रिल : भारत-पाक तनाव के बीच युद्ध जैसी तैयारी ?
admin Mon, May 5, 2025
फिरोजपुर | 5 मई 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। इसी बीच भारतीय सेना ने पंजाब के फिरोजपुर में रविवार रात ब्लैकआउट अभ्यास (Blackout Drill) किया, जिसे संभावित युद्ध की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। यह ड्रिल रात 9:00 से 9:30 बजे तक चली और पूरे सैन्य क्षेत्र में पूर्ण अंधकार बनाए रखा गया।
⚠️ क्यों हुआ यह ब्लैकआउट अभ्यास?
सेना द्वारा फिरोजपुर के डिप्टी कमिश्नर को भेजे गए पत्र में कहा गया कि यह अभ्यास युद्ध के संभावित खतरे को देखते हुए किया गया है, ताकि ब्लैकआउट प्रोटोकॉल की तैयारी और प्रभावशीलता की जांच की जा सके।
इस अभ्यास से पहले सेना ने लाउडस्पीकर और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से नागरिकों को सूचित किया, जिससे कोई जनरेटर या इन्वर्टर लाइट बाहर न दिखे और अभ्यास सफल रहे।
🕯️ ब्लैकआउट: क्या होता है और क्यों जरूरी?
ब्लैकआउट यानी पूर्ण अंधकार। यह युद्ध के समय दुश्मन को निवासी क्षेत्रों की पहचान से रोकने के लिए किया जाता है।
आधुनिक मिसाइलें, ड्रोन और स्मार्ट बम लाइट, हीट या विजुअल सिग्नल पर काम करते हैं। ऐसे में रोशनी बंद करके उनकी टारगेटिंग को विफल किया जा सकता है।
📌 भारत के पास भले ही S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम हो, फिर भी नागरिक क्षेत्रों में ब्लैकआउट से जन हानि को कम किया जा सकता है।
🕊️ युद्ध की आशंका: क्यों बढ़ा तनाव?
22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी।
भारत ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हाथ बताया है और इसके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
🧠 मानसिक तैयारी भी जरूरी
ब्लैकआउट ड्रिल सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि जनता को मानसिक रूप से तैयार करने का माध्यम भी है।
सायरन, SMS, मोबाइल ऐप्स, टीवी और रेडियो के ज़रिए नागरिकों को अलर्ट और सुरक्षित स्थानों की जानकारी दी जाती है।
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