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नई दिल्ली। : NEET UG 2025: कठिन पेपर ने बढ़ाई टॉपर्स की अहमियत, टॉप रैंकर्स की संख्या में आई बड़ी गिरावट

admin Sat, Jun 21, 2025

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 14 जून को NEET UG 2025 का परिणाम जारी कर दिया। इस बार परीक्षा का पेपर कठिन रहा, जिसका असर रिजल्ट में साफ नजर आया। टॉप और बॉटम रैंक के बीच बड़ा फासला देखने को मिला है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार इस बार टॉप रैंक पर बहुत कम कैंडिडेट्स रहे हैं, जबकि निचली रैंक पर हजारों अभ्यर्थियों की भीड़ है।

टॉप रैंकर्स की संख्या में भारी कमी

देव शर्मा ने बताया कि इस बार 651 से 686 अंकों के बीच देश के टॉप 73 कैंडिडेट्स हैं, यानी हर अंक पर औसतन 2 कैंडिडेट्स। वहीं 144 से 200 अंकों के बीच 3.03 लाख कैंडिडेट्स हैं, मतलब प्रति अंक करीब 5,410 छात्र। 2024 में 600+ अंक लाने वाले 80,000 छात्र थे, 2025 में यह संख्या घटकर महज 1,382 रह गई है। 500+ अंक लाने वाले भी सिर्फ 51,511 छात्र हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार सरकारी मेडिकल कॉलेजों की कटऑफ 525 के आसपास रह सकती है, जो पिछले साल 652 थी।

कठिन पेपर ने बढ़ाया असली टैलेंट का महत्व

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार प्रश्नपत्र में पुराने सवालों (PYQ) का दोहराव नहीं हुआ। पेपर बिल्कुल नया और कंसेप्ट पर आधारित था। इससे रटने वाले कैंडिडेट्स मुश्किल में पड़ गए और असली टैलेंट उभर कर सामने आया।

शौकिया आवेदन में भी आई गिरावट

देव शर्मा के अनुसार पिछले वर्षों में कई स्टूडेंट्स सिर्फ शौक या प्रैक्टिस के लिए NEET देते थे, लेकिन इस बार कठिन पेपर और कम कटऑफ के चलते ऐसे छात्रों की संख्या घटी है। आने वाले वर्षों में यह रुझान और मजबूत हो सकता है

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