पुरी (ओडिशा) : पुरी में भगवान जगन्नाथ का स्नान पूर्णिमा महोत्सव आज से शुरू, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
admin Wed, Jun 11, 2025
भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा से पहले आज पुरी धाम में स्नान पूर्णिमा उत्सव की भव्य शुरुआत हुई। इस पावन दिन भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा महारानी का विशेष स्नान अनुष्ठान होता है। इसे देखने के लिए मंदिर नगरी पुरी में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं।
देवताओं को गर्भगृह से बाहर लाकर स्नान मंडप में विराजमान कराया गया है, जहाँ उन्हें 108 कलशों से शुद्ध पवित्र जल से स्नान कराया जाएगा। इस दौरान पूरे मंडप को खास तौर पर सजाया गया है। स्नान के बाद भगवानों को भव्य हाथी रूप (हाटी बेशा) धारण कराया जाएगा, जो उनके दिव्य स्वरूप का प्रतीक है।
स्नान अनुष्ठान के बाद भगवानों को ‘अनसरा’ कहा जाने वाले विश्राम काल में रखा जाएगा, जिसमें उन्हें औषधियों और जड़ी-बूटियों से उपचारित किया जाएगा। इस दौरान आम दर्शन भी वर्जित रहते हैं, और फिर रथ यात्रा के दिन भगवान नवयुवक रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए यह अनुष्ठान एक दुर्लभ अवसर होता है, जब वे मंदिर परिसर के बाहर से भी भगवान के दर्शन कर सकते हैं। भीड़, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए ओडिशा पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को निर्बाध दर्शन का लाभ मिल सके।
क्या है देवस्नान पूर्णिमा का महत्व?
देवस्नान पूर्णिमा हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व रथ यात्रा की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भगवान जगन्नाथ की महिमा और परंपरा से जुड़ा हुआ है
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