सुकमा : सुकमा में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी, 1.18 करोड़ के इनामी 23 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता सामने आई है। 1 करोड़ 18 लाख रुपये के इनामी 23 हार्डकोर नक्सलियों ने शनिवार को पुलिस और अर्धसैनिक बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 9 महिला और 14 पुरुष नक्सली शामिल हैं, जिनमें तीन नक्सली दंपति भी हैं।
इस सरेंडर ने यह साफ कर दिया है कि हिड़मा की बटालियन नंबर 1 अब टूट रही है और नक्सली प्रभाव क्षेत्र में शांति की उम्मीदें मजबूत हो रही हैं। लोकेश उर्फ पोडियामी भीमा: सबसे बड़ा इनामी नक्सली सरेंडर पर
आत्मसमर्पण करने वालों में प्रमुख नाम लोकेश उर्फ पोडियामी भीमा का है, जो कि दक्षिण सब जोनल ब्यूरो सप्लाई टीम का कमांडर और 8 लाख का इनामी नक्सली था।
साल 2012 में सुकमा कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन के अपहरण समेत कई बड़ी घटनाओं में इसकी भूमिका रही है।इन वारदातों में रहा शामिल
2007: दरभागुड़ा में पुलिस वाहन पर IED हमला
2009: पुलिस पर एम्बुश हमला
2012: सुकमा कलेक्टर अपहरण
2017-2024: कई मुठभेड़, विस्फोट व फायरिंग की घटनाएंकुल 23 नक्सलियों में से कई पर था भारी इनाम नक्सली दंपति जोड़े जिन्होंने आत्मसमर्पण किया
लोकेश उर्फ पोडियामी भीमा – मुचाकी रनौती उर्फ हिड़मे
दूधी भीमा – पोडियामी मंगली
कारम भीमा – मड़कम नंदे सरकार की पुनर्वास नीति का असर: आत्मसमर्पण की प्रेरणा
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि ये आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति 2025 और 'नियद नेल्लानार' योजना से प्रेरित होकर हुआ है।
नक्सली अब शांति, विकास और मुख्यधारा से जुड़ने की राह चुन रहे हैं। सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई का परिणाम
इस सफलता में शामिल बल:
जिला पुलिस बल सुकमा
DRG सुकमा
CRPF की 2, 223, 227, 204, 165 बटालियन
कोबरा 208वीं वाहिनी
रेंज फील्ड टीमें (RFT) प्रोत्साहन और सुविधाएं मिलेंगी
सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को: ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि
निवास, चिकित्सा, शिक्षा और रोजगार प्रशिक्षण
पुनर्वास योजनाओं का पूर्ण लाभ
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