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अहमदाबाद : अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, टेकऑफ के 3 सेकेंड बाद बंद हुए दोनों इंजन

Indrajeet Yadav Sat, Jul 12, 2025

12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान (फ्लाइट AI 171) को लेकर भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है। 15 पन्नों की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जो इस भीषण हादसे के कारणों पर रोशनी डालते हैं।इस दुर्घटना में 260 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिनमें 229 यात्री, 12 चालक दल के सदस्य और 19 स्थानीय नागरिक शामिल थे। हादसे में एक व्यक्ति चमत्कारिक रूप से जीवित बच गया।

3 सेकंड में हुआ सबकुछ: दोनों इंजन बंद हुएरिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के सिर्फ 3 सेकंड बाद, विमान के दोनों इंजन एक-एक सेकंड के अंतराल में अचानक बंद हो गए। ईंधन स्विच में कटऑफ हो जाने से थ्रस्ट गायब हो गया और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा।उड़ान के केवल 90 सेकंड के भीतर यह भयावह हादसा हुआ। फ्लाइट रिकॉर्डर डेटा में यह भी सामने आया कि कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच संवाद हुआ, जिसमें एक पायलट ने चौंकते हुए पूछा:

"आपने विमान क्यों बंद किया?"
दूसरे पायलट ने जवाब दिया: "मैंने नहीं किया!"


🔁 एक इंजन हुआ शुरू, लेकिन देर हो चुकी थी

पायलटों ने दोनों इंजनों को दोबारा चालू करने की कोशिश की। एक इंजन में थोड़ी देर बाद थ्रस्ट लौट आया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विमान की गति घट गई और वह ऊंचाई पर वापस नहीं लौट पाया। "मेडे" कॉल भी अंतिम क्षणों में भेजा गया, लेकिन हवाई अड्डे से कुछ किलोमीटर दूर विमान रिहायशी इलाके पर गिर पड़ा।हॉस्टल-कैंटीन समेत पांच इमारतों में आग, मलबा 1000 फीट तक फैला

विमान ने बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास, कैंटीन और आसपास की कई इमारतों से टकराकर भीषण तबाही मचाई। पांच इमारतों में आग लग गई और कई भवन आंशिक रूप से ध्वस्त हो गए। मलबे के हिस्से 1000 फीट से अधिक दूर तक पाए गए, जिनमें इंजन, लैंडिंग गियर और वर्टिकल स्टेबलाइज़र शामिल थे। रखरखाव और ईंधन गुणवत्ता में नहीं मिली गड़बड़ी

  • विमान VT-ANB, 2013 में लाया गया था और हाल ही में उसका नियमित रखरखाव हुआ था।

  • ईंधन की गुणवत्ता पूरी तरह मानकों के अनुरूप पाई गई।

  • इंजन या फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी की कोई जानकारी नहीं थी।

  • आपातकालीन लोकेटर ट्रांसमीटर (ELT) सक्रिय नहीं हुआ, यह एक अहम चूक मानी जा रही है।अनुभवी पायलट, फिर भी हादसा क्यों?

  • कैप्टन सुमित सभरवाल (56 वर्ष) — 15,000+ फ्लाइट घंटे

  • को-पायलट क्लाइव कुंदर (32 वर्ष) — 3,400+ फ्लाइट घंटे

दोनों ही पूरी तरह योग्य और अनुभवशील पायलट थे। हाल की कोई मेडिकल या मनोवैज्ञानिक समस्या भी दर्ज नहीं की गई थी। दुनिया भर में मचा था हड़कंप

यह हादसा भारत की सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक है। अंतरराष्ट्रीय विमानन संगठनों ने भी इसे अत्यंत असामान्य और दुर्लभ स्थिति बताया है। विशेष रूप से ईंधन स्विच का एक साथ बंद हो जाना, बिना किसी चेतावनी के, अब तक रहस्य बना हुआ है।

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