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Goa Night Club Fire Update : नाइटक्लब अग्निकांड की तहकीकात में बड़ा खुलासा, लापरवाही की हद जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Media Yodha Desk Thu, Jan 1, 2026

Goa Night Club Fire Update: गोवा के अरपोरा गांव में स्थित नाइटक्लब में 6 दिसंबर को लगी भयानक आग ने 25 लोगों की जान ले ली। अब इस हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट बताती है कि यह नाइटक्लब सॉल्ट पैन की जमीन पर गैरकानूनी तरीके से बनाया गया था। साथ ही, क्लब बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के चल रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाम का यह नाइटक्लब सॉल्ट पैन और जल क्षेत्र के बीच बना था। यह भूमि राजस्व संहिता और तटीय क्षेत्र के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस रिपोर्ट को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में पेश किया गया। उसके बाद राज्य सरकार ने इसे सबके लिए सार्वजनिक कर दिया।

लाइसेंस खत्म होने के बाद भी चलता रहा क्लब

अरपोरा-नागोआ ग्राम पंचायत ने 16 दिसंबर 2023 को क्लब को बार, रेस्टोरेंट और नाइटक्लब चलाने का लाइसेंस दिया था। यह लाइसेंस 31 मार्च 2024 तक वैध था। उसके बाद लाइसेंस का रीन्यूअल नहीं किया गया, फिर भी क्लब बिना रुके चलता रहा। पंचायत ने न तो क्लब के परिसर को सील किया और न ही किसी संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी। जांच रिपोर्ट में पंचायत सचिव और सरपंच के बयानों का हवाला दिया गया है। इन बयानों से पता चलता है कि क्लब मालिकों से मिलीभगत थी। रिपोर्ट कहती है कि ट्रेड लाइसेंस के बिना व्यवसाय चलाने पर परिसर को सील करने का अधिकार होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

लाइसेंस आवेदन में फर्जीवाड़ा और कमियां

रिपोर्ट में लाइसेंस आवेदन की कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। आवेदन में फर्जी एंट्रीज थीं, और कुछ विवरण अलग-अलग स्याही से जोड़े गए थे। जरूरी दस्तावेज जैसे स्वीकृत नक्शा, भूमि रिकॉर्ड और फोटो भी गायब थे। आवेदन 11 दिसंबर 2023 को मिला था और सिर्फ 5 दिनों में ही अनुमति दे दी गई थी और 16 दिसंबर को प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। यह पूरी प्रक्रिया में बड़ी खामियां दर्शाती है। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जांच में पता चला कि क्लब में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के आतिशबाजी कराई गई, जिससे आग लग गई। क्लब में पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे। ग्राउंड फ्लोर और डेक फ्लोर दोनों पर इमरजेंसी एग्जिट का कोई इंतजाम नहीं था।

हाई कोर्ट के आदेशों का हुआ उल्लंघन

जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 तक क्लब को लेकर कई शिकायतें आई थीं। ये शिकायतें शोर और पार्किंग की समस्या से जुड़ी थीं, लेकिन इन्हें 'कुछ नहीं मिला' कहकर बंद कर दिया गया। जांच में बॉम्बे हाईकोर्ट (गोवा बेंच) के निर्देशों की भी अनदेखी पाई गई। कोर्ट ने क्लबों के निरीक्षण और रात में गश्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन उनका पालन नहीं हुआ। इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें क्लब के 3 मालिक शामिल हैं। दिल्ली के कारोबारी और सह-मालिक सौरभ लुथरा और गौरव लुथरा घटना के बाद विदेश भाग गए थे, लेकिन उन्हें 17 दिसंबर को भारत वापस लाया गया। साथ ही, 5 सरकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने BNS की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है जिनमें गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही से जान को खतरा पहुंचाना, आग से जुड़ी लापरवाही, जालसाजी और आपराधिक साजिश शामिल हैं।

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