नई दिल्ली : 2027 में होगी भारत की ऐतिहासिक जनगणना, पहली बार शामिल होगी जातिगत गणना
admin Mon, Jun 16, 2025
सरकार ने आगामी जनगणना को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए सोमवार को आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक रहने वाली है, क्योंकि इसमें पहली बार जातिगत गणना भी शामिल की जा रही है। यह देश की 16वीं जनगणना होगी, जिसकी प्रक्रिया मार्च 2027 तक पूरी कर ली जाएगी।
पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग
जनगणना कार्य के लिए लगभग 34 लाख कर्मचारी, पर्यवेक्षक और 1.3 लाख जनगणना अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक व सटीक बनाने के लिए कर्मचारियों को अत्याधुनिक मोबाइल डिजिटल गैजेट्स से लैस किया जाएगा। इससे डेटा संग्रहण और विश्लेषण में पारदर्शिता और गति दोनों आएगी।
दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया
पहला चरण - हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन:
इस चरण में प्रत्येक घर की स्थिति, संपत्ति, सुविधाएं, जल स्रोत, शौचालय, रसोई गैस आदि बुनियादी बातों का ब्यौरा लिया जाएगा।दूसरा चरण - जनसंख्या गणना:
इस चरण में हर व्यक्ति की उम्र, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और पहली बार जाति से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी।
लद्दाख, जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में विशेष तैयारी
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे बर्फीले इलाकों में जनगणना प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी ताकि मौसम की प्रतिकूलता के कारण किसी प्रकार की बाधा न आए। देश के शेष हिस्सों में जनगणना 1 मार्च 2027 से शुरू की जाएगी।
2011 के बाद पहली जनगणना
भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। कोरोना महामारी के कारण यह प्रक्रिया 2021 में नहीं हो सकी थी, लेकिन अब सरकार ने इसे नई तकनीकों और व्यापक दृष्टिकोण के साथ पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री का बयान
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और यह डेटा भारत के भविष्य के विकास की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित कर इस कार्य को पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ सम्पन्न करेगी।
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