नई दिल्ली। : आईएमएफ बैठक में भारत रखेगा पाकिस्तान लोन पर कड़ा रुख, विदेश सचिव बोले- तथ्यों के आधार पर लें फैसला
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत के कार्यकारी निदेशक शुक्रवार को होने वाली बोर्ड बैठक में पाकिस्तान को मिलने वाले 1.3 अरब डॉलर के लोन पर भारत का पक्ष मजबूती से रखने जा रहे हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने साफ संकेत दिए कि भारत इस लोन के खिलाफ मजबूत आवाज उठाएगा और आईएमएफ सदस्यों से तथ्यों के आधार पर फैसला लेने की अपील करेगा।
📅 9 मई को होगा अहम फैसला
IMF का कार्यकारी बोर्ड 9 मई को पाकिस्तान के अधिकारियों से मिलने वाला है। इसमें पाकिस्तान को मिलने वाले फाइनेंसिंग पैकेज की पहली समीक्षा की जाएगी और लचीलापन व स्थिरता सुविधा के तहत नए फंडिंग पर चर्चा होगी।
🗣️ भारत का रुख साफ: बेलआउट बार-बार, फायदा कम
विदेश सचिव मिसरी ने कहा,
"पाकिस्तान को पिछले 30 वर्षों में कई बार बेलआउट दिया गया है, लेकिन उनमें से कितने सफल हुए हैं, यह सवाल हर किसी के सामने है।"
उन्होंने कहा कि आईएमएफ के बोर्ड सदस्यों को आंखें खोलकर और तथ्यों पर आधारित निर्णय लेना होगा, न कि केवल परंपरा के तौर पर बेलआउट देना चाहिए।
🌐 अगर लोन रोका गया तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लगेगा झटका
पाकिस्तान को मिलने वाली यह वित्तीय मदद रुकने पर उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगेगा। पाकिस्तान ने पिछले साल IMF से 7 अरब डॉलर का बेलआउट हासिल किया था और मार्च में उसे 1.3 अरब डॉलर का नया जलवायु लचीलापन लोन मिला था।
यह कार्यक्रम पाकिस्तान का 24वां बेलआउट पैकेज है।
🔎 भारत ने बढ़ाई कूटनीतिक सक्रियता
भारत के कार्यकारी निदेशक IMF बैठक में पाकिस्तान के आर्थिक ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल उठाएंगे और यह बताएंगे कि बार-बार बेलआउट मिलने के बावजूद जमीनी सुधार क्यों नहीं हो रहे। भारत का जोर इस बार पारदर्शिता और नतीजे आधारित फंडिंग पर रहेगा।
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