नई दिल्ली/क़िंगदाओ : भारत ने दिखाया दृढ़ रुख: एससीओ बैठक में आतंकवाद पर नरमी पर जताया विरोध, संयुक्त घोषणापत्र पर नहीं किए हस्ताक्षर
भारत ने एक बार फिर दुनिया को यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं होगा। 26 जून को चीन के क़िंगदाओ में हुई शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत ने आतंकवाद के उल्लेख के बिना तैयार किए गए संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इस फैसले को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पूरी तरह से उचित ठहराया है।
🇮🇳 भारत का स्पष्ट संदेश: आतंकवाद पर चुप्पी नहीं चलेगी
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:
“एससीओ का मूल उद्देश्य आतंकवाद से लड़ना है। अगर कोई देश संयुक्त बयान में आतंकवाद का ज़िक्र नहीं चाहता, तो भारत ऐसा बयान स्वीकार नहीं करेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का निर्णय बिल्कुल सही था।”
भारत की यह कूटनीतिक स्थिति दोहरे मानदंडों और आतंकवाद को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति पर करारा प्रहार है।
💬 राजनाथ सिंह ने कड़े शब्दों में जताया विरोध
बैठक को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा:
“आतंकवाद के प्रति दोहरे रवैये के लिए एससीओ में कोई स्थान नहीं है। हमें आतंकवाद को शह देने वाले देशों की आलोचना करने में हिचक नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि शांति और समृद्धि केवल तब संभव है जब आतंकवाद, उग्रवाद और सामूहिक विनाश के हथियारों का प्रसार रोका जाए।
🔥 पाकिस्तान पर बिना नाम लिए तीखा हमला
राजनाथ सिंह ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर सीधा कटाक्ष किया:
“जो देश आतंकवाद को नीति का हिस्सा मानते हैं, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। कुछ देश आतंकवादियों को शरण देकर क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालते हैं। एससीओ को ऐसे दोहरे मानदंडों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।”
⚔ पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र, ऑपरेशन सिंदूर का खुलासा
राजनाथ सिंह ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें एक नेपाली नागरिक समेत 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई थी।
हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े “द रेसिस्टेंस फ्रंट” ने ली थी। उन्होंने आगे कहा:
“हमने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सीमा पार आतंकी ढांचे को सफलतापूर्वक नष्ट किया
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