7th August 2026

BREAKING NEWS

कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना अनिवार्य, नौकरी पर पड़ेगा असर

असिस्टेंट-स्टेनोग्राफर समेत कई पदों पर भर्ती, जानें योग्यता और अप्लाई करने का तरीका

अब TTE की हर हरकत कैमरे में होगी रिकॉर्ड, रायपुर मंडल के टिकट चेकर्स पहनेंगे बॉडी कैमरा

सिरदर्द और गले की खराश से ऐसे करें बचाव

CG के इस जिले में जल्द दौड़ेंगी 50 AC ई-बसें, रूट तय करने में जनता की होगी भागीदारी

Advertisment

हाई हेल्थ रिस्क वाले बच्चों के लिए बड़ा कदम : सरकार लाएगी समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम

Media Yodha Desk Mon, Jun 29, 2026

नई दिल्ली : जीवन के शुरुआती तीन सालों में देखभाल को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार सोमवार को एक नया राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू करेगी। इसके तहत ज्यादा हेल्थ रिस्क वाले नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को घर पर ज्यादा बेहतर देखभाल मिलेगी जिसमें फ्रंटलाइन हेल्थ वर्करों द्वारा अतिरिक्त फॉलो-अप विजिट भी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सेंट्रल काउंसिल ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की बैठक के दौरान 'समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम' लॉन्च करेंगे। यह कार्यक्रम 'होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर' और 'होम-बेस्ड केयर फॉर यंग चाइल्ड' जैसी मौजूदा योजनाओं को एक ही फ्रेमवर्क में लाता है, जिसमें जन्म से लेकर 36 महीने तक के बच्चे शामिल हैं।

पहली बार पेश हो रहा रिस्क-आधारित देखभाल मॉडल

यह कार्यक्रम रिस्क-आधारित देखभाल मॉडल पहली बार पेश कर रहा है। रिस्क वाले नवजात शिशुओं को जीवन के शुरुआती 42 दिनों में नौ बार तक घर पर विजिट मिलेगी, जबकि रिस्क वाले बच्चों को तीन साल की उम्र तक आठ बार तक घर पर विजिट मिलेगी। इन अतिरिक्त विजिट का मकसद स्वास्थ्य समस्याओं की जल्द पहचान, समय पर रेफरल और कमजोर बच्चों की बेहतर निगरानी सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम के तहत संयुक्त गृह दौरों के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं, सहायक नर्स दाइयों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को भी मजबूत किया जाएगा।

शिशु स्वास्थ्य सत्र किए जाएंगे आयोजित

इसमें ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवसों के दौरान शिशु स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए जाएंगे और अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और निगरानी के लिए मासिक शिशु शिविरों का आयोजन किया जाएगा। एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के रूप में समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रसवोत्तर मातृ मानसिक स्वास्थ्य जांच को नियमित सामुदायिक देखभाल में शामिल किया गया है और गृह दौरों के दौरान संवेदनशील देखभाल, प्रारंभिक शिक्षा, आयु-उपयुक्त खेल और पारिवारिक सहभागिता को बढ़ावा देकर प्रारंभिक बाल विकास के लिए पोषण संबंधी देखभाल को एकीकृत किया गया है।

 

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन