PhonePe चलाते हैं? : जानिए क्यों कट रहे हैं ₹100 और कैसे बच सकते हैं इस चार्ज से
Media Yodha Desk Sat, Jun 20, 2026
अगर आप भी ऑनलाइन पेमेंट या रिचार्ज करने के लिए PhonePe ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अब तक डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करना पूरी तरह मुफ्त हुआ करता था, लेकिन अब बैंकों की तरह फोनपे भी आपसे मेंटेनेंस चार्ज वसूलने की तैयारी में है. कंपनी ने अपनी यूसेज गाइडलाइंस को अपडेट कर दिया है, जिसके मुताबिक अब इनएक्टिव या निष्क्रिय पड़े वॉलेट्स पर हर तीन महीने में ₹100 का जुर्माना लगाया जाएगा.
क्या है PhonePe का नया नियम?
फोनपे के नए अपडेट के अनुसार, अगर कोई यूजर लगातार 365 दिनों यानी पूरे 1 साल तक अपने वॉलेट से कोई भी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन नहीं करता है, तो उसके वॉलेट को 'इनएक्टिव' मान लिया जाएगा. ऐसे इनएक्टिव वॉलेट को चालू रखने या सिस्टम में मेंटेन करने के एवज में कंपनी हर तिमाही (Quarterly) ₹100 का मेंटेनेंस शुल्क काटेगी.
UPI यूजर्स के लिए समझना क्यों है जरूरी?
सिर्फ ऐप को ओपन करना या सीधे बैंक से UPI पेमेंट करना वॉलेट की एक्टिविटी में नहीं गिना जाएगा. अगर आपने पूरे साल में वॉलेट में न तो पैसे ऐड किए और न ही वॉलेट बैलेंस से कोई रीचार्ज या मर्चेंट पेमेंट किया, तो ऐप इस्तेमाल करने के बावजूद आपका वॉलेट इनएक्टिव माना जाएगा.
कैसे कटेगा पैसा और क्या है राहत?
इस नियम को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसमें कुछ राहत की बातें भी हैं. सबसे पहली बात यह कि कंपनी चार्ज काटने से पहले आपको 15 दिनों का नोटिस पीरियड देगी, जिसके तहत आपको SMS या ऐप नोटिफिकेशन से अलर्ट किया जाएगा. दूसरी बात यह कि यह चार्ज सिर्फ आपके फोनपे वॉलेट बैलेंस से ही काटा जाएगा, आपके लिंक किए गए बैंक अकाउंट से कंपनी एक रुपया भी नहीं निकाल सकती. अगर आपके वॉलेट में ₹100 से कम, मान लीजिए सिर्फ ₹30 हैं, तो कंपनी वही ₹30 काट लेगी और आपका बैलेंस जीरो (0) हो जाएगा, यह कभी भी माइनस (-) में नहीं जाएगा.
जुर्माने और चार्ज से कैसे बचें?
इस तिमाही मेंटेनेंस चार्ज से बचने के दो बेहद आसान तरीके हैं. पहला तरीका यह कि अगर आपको कंपनी की तरफ से नोटिस मिलता है, तो आप अपने वॉलेट का इस्तेमाल करके कोई भी एक छोटा-मोटा ट्रांजैक्शन कर लें, जिससे वह अगले 1 साल के लिए फिर से एक्टिव हो जाएगा. दूसरा तरीका यह है कि अगर आप भविष्य में वॉलेट का उपयोग नहीं करना चाहते, तो उसमें मौजूद सारा पैसा खर्च कर दें या अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लें. वॉलेट में बैलेंस जीरो रहने पर कंपनी कोई चार्ज नहीं वसूल पाएगी.
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन