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जानें कब मिलेगा मुआवजा और कितनी मिलेगी राहत

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बारिश के पानी से घर, फसल या सामान हुआ खराब? : जानें कब मिलेगा मुआवजा और कितनी मिलेगी राहत

Media Yodha Desk Sat, Aug 8, 2026

बारिश या जलभराव से होने वाले नुकसान के लिए मुआवजा मिल सकता है. लेकिन यह देखना जरूरी है कि नुकसान किस तरह से हुआ है. क्या नुकसान प्राकृतिक आपदा की वजह से हुआ है या फिर प्रशासन या नगर निगम की लापरवाही से हुआ है. इसमें आपके इंश्योरेंस पर भी बात निर्भर करता है. अगर आपने नुकसान होने वाली चीज का इंश्योरेंस किया है तो आपकी सारी भरपाई बीमा कंपनी करेगी. वैसे अलग-अलग तरह के नुकसान और उनके मुआवजे होते हैं.

गाड़ियों को होने वाले नुकसान

अगर बारिश का पानी या जलभराव से आपकी गाड़ी डूब गई है और इंजन खराब हो गया है तो आपको इंश्योरेंस क्लेम मिल सकता है. हालांकि इसके लिए आपके गाड़ी का कॉप्रिहेंसिव इंश्योरेंस होना जरूरी है. गाड़ी के इलेक्ट्रिकल पार्ट्स के नुकसान का भी क्लेम मिलता है. वहीं आपने इंजन प्रोटेक्शन कवर लिया है तो आपको क्लेम मिलता है, जबकि साधारण इंश्योरेंस में यह क्लेम खारीज हो सकता है.

मकान और दुकान को नुकसान

अगर सरकार आपके क्षेत्र को अतिवृष्टि या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा घोषित करती है तो राज्य सरकार आपदा राहत कोष से मकान और दुकान के छतिग्रस्त होने पर सरकारी मुआवजा तय मानकों के आधार पर दिया जाता है. वहीं अगर आपने होम इंश्योरेंस लिया है या दुकान का इंश्योरेंस लिया है तो बारिश या बाढ़ के पानी से दीवारों, फर्नीचर या इलेक्ट्रॉनिक्स को हुए नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है.

फसलों को नुकसान का मुआवजा

फसल नुकसान के लिए भी अगर सरकार आपके क्षेत्र को अतिवृष्टि या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा घोषित करती है तो राज्य सरकार सरकारी मुआवजा तय मानकों के आधार पर देती है. वहीं फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की है. इससे किसानों के लिए अतिवृष्टि, बाढ़ या जलभराव से फसल नुकसान पर उचित मुआवजा दिया जाता है. आपको फसल नष्ट होने के 72 घंटे के अंदर कृषि विभाग और बीमा कंपनी को सूचना देनी होती है.

नगर निगम या अथॉरिटी की लापरवाही

अगर आपका नुकसान नगर निगम या संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही से हुई है तो आप सेवा की कमी यानी Deficiency of Service का हवाला देकर कंज्यूमर कोर्ट या हाई कोर्ट में केस दर्ज करा सकते हैं. कई मामले में भारतीय कोर्ट ने नगर निगम की लापरवाही पर पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया है.

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