: किसान दिवस: छत्तीसगढ़ की 70% आबादी कृषि पर निर्भर, कृषि क्षेत्र में हो रहा निरंतर विकास
रायपुर: छत्तीसगढ़ में किसान दिवस के मौके पर कृषि और किसानों के योगदान को सम्मानित किया गया। राज्य की लगभग 70% आबादी कृषि कार्यों में संलग्न है, जिससे यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर किसानों के योगदान को सराहा और उन्हें राज्य की प्रगति की रीढ़ बताया।
कृषि क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का योगदान
- धान उत्पादन में अग्रणी राज्य:
छत्तीसगढ़ को 'धान का कटोरा' कहा जाता है।
- राज्य का प्रमुख फसल धान है, और यहाँ के किसान हर साल बड़े पैमाने पर धान की खेती करते हैं।
- सरकार की योजनाओं के तहत समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी ने किसानों को आर्थिक स्थिरता प्रदान की है।
- सिंचाई और संसाधन:
- राज्य की करीब 37% भूमि सिंचित है, लेकिन शेष क्षेत्र मानसून पर निर्भर करता है।
- सरकार ने हाल ही में नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी जैसी योजनाओं को बढ़ावा देकर कृषि के पारंपरिक संसाधनों को पुनर्जीवित किया है।
- कृषि विविधीकरण:
- अब धान के अलावा दलहन, तिलहन, और बागवानी फसलों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
- जैविक खेती को प्रोत्साहन देकर उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाया जा रहा है।
किसानों के लिए सरकारी पहल
- राजीव गांधी किसान न्याय योजना:
- किसानों को इनपुट सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
- इस योजना के तहत हर साल किसानों को बड़ी राहत मिली है।
- धान खरीदी में रिकॉर्ड:
- समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 2,000 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं।
- सरकार किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर रही है।
- कृषि उपकरण और तकनीक:
- किसानों को आधुनिक उपकरणों और ड्रोन तकनीक से जोड़ा जा रहा है।
- इससे किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि हुई है।
किसानों का बदलता जीवन
- सरकारी योजनाओं और सहकारी समितियों के सहयोग से किसानों का जीवन स्तर धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है।
- कृषि के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
सीएम भूपेश बघेल का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा:"किसानों का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है। उनकी मेहनत के बिना छत्तीसगढ़ की प्रगति संभव नहीं। राज्य सरकार किसानों के हर सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
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