नई दिल्ली : ईडी ने पार की सीमाएं": सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की सरकारी शराब कंपनी टीएएसएमएसी पर छापे पर लगाई रोक
admin Thu, May 22, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि ईडी देश के संघीय ढांचे का उल्लंघन कर रही है। अदालत ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) के खिलाफ ईडी की जांच और छापेमारी पर अस्थायी रोक लगाने का निर्देश दिया है।
🛑 ईडी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मामले की सुनवाई कर रही पीठ में मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ए जी मसीह शामिल थे। सीजेआई ने स्पष्ट रूप से कहा,
"ईडी सभी सीमाएं लांघ रहा है। राज्य ने पहले ही मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी, फिर ईडी की जांच की क्या जरूरत?"
🏢 टीएएसएमएसी क्या है और विवाद क्या है?
टीएएसएमएसी तमिलनाडु सरकार की एक सरकारी कंपनी है जो राज्य में शराब की बिक्री का नियंत्रण करती है। ईडी ने मार्च 2025 में कंपनी के चेन्नई मुख्यालय पर छापा मारा और अधिकारियों के मोबाइल फोन व कंप्यूटर की क्लोनिंग की।
टीएएसएमएसी का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि:
कंपनी के खिलाफ कोई प्राथमिक मनी लॉन्ड्रिंग केस नहीं है।
राज्य सरकार ने पहले ही 2014-2021 के बीच 41 एफआईआर दर्ज की हैं।
ईडी ने बिना कानूनी आधार के छापा मारा और निजता का हनन किया।
📝 सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा
पीठ ने ईडी को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और कहा कि मामले की अगली सुनवाई छुट्टियों के बाद होगी।
इस दौरान, टीएएसएमएसी पर कोई और जांच या कार्रवाई नहीं होगी।
ईडी का पक्ष रख रहे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने दावा किया कि
"हजारों करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी और नकद लेन-देन के संकेत हैं, इसलिए जांच जरूरी है। हम यह सब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हलफनामे के रूप में पेश करेंगे।"
📌 सुप्रीम कोर्ट का संदेश: संघीय ढांचे का सम्मान जरूरी
सीजेआई ने दोहराया कि केंद्रीय एजेंसियों को राज्यों के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं करना चाहिए।
"राज्य की जिम्मेदारी पहले से तय है, जब FIR और जांच पहले से हो रही है, तो केंद्रीय एजेंसी का हस्तक्षेप संविधान की आत्मा के विपरीत है।"
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