Cloud Burst in Uttarakhand : उत्तराखंड के धराली गांव में बादल फटने से तबाही, ये कहां स्थित है, कितनी है जनसंख्या? जानें सबकुछ
Media Yodha Desk Tue, Aug 5, 2025
उत्तरकाशी में बादल फटने से बड़ी तबाही सामने आई है. यहां धराली खीर गाढ़ में जलस्तर बढ़ने से धराली मार्केट क्षेत्र में ये नुकसान हुआ है. आर्मी, पुलिस और Sdrf टीम को भटवाड़ी रवाना किया गया है. धराली गांव के ऊपर बादल फटने से धराली मार्केट के साथ पूरा गांव चपेट में आया है. इसमें 50 से 60 लोगों के लापता होने की सूचना है. जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड के धराली गांव में ये तबाही हुई है. यहां बादल फटने से अचानक नदी किनारे बड़ा सैलाब आया.इससे नदी किनारे बने मकान माचिस की तीलियों की तरह बह गए.
धराली गंगोत्री धाम के रास्ते में अहम पड़ाव है.बताया जा रहा है कि धराली में खीर गंगा नदी में बादल फटने से ये विनाशकारी मंजर देखने को मिला है. बताया जाता है कि इसमें 50 से 60 लोग लापता हैं.नदी किनारे अचानक आई बाढ़ की से दर्जनों होटल और होमस्टे को नुकसान पहुंचा है. इसमें कई मजदूरों के दबे होने की आशंका भी है.
बादल फटना एक कुदरती प्रक्रिया है,लेकिन नदी किनारे ऐसे निर्माण तबाही को दावत देना है. वीडियो में दिख रहा है कि कैसे 30 सेकेंड में कैसे दर्जनों मकान बहते चले गए. पानी आते ही वहां चीख पुकार मच गई, लेकिन लोगों को भागने का मौका नहीं मिला. सैलाब के साथ बड़े बड़े पत्थर और लकड़ी के लट्ठे भी बहते हुए नीचे आए और जिनकी चपेट में आने से कई लोगों के हताहत होने की आशंका है.
केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि बादल फटने से ये नुकसान हुआ है. उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में ये बड़ी घटना हुई है. उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बड़े पैमाने पर युद्धस्तर पर बचाव अभियान चल रहा है. एनडीआरएफ-एसडीआरएफ को बचाव कार्य में लगाया गया है.
धराली के निकट गंगोत्री का शीतकालीन प्रवास स्थल है. पहाड़ों के बीच जो नदी बहती है, जिसे खीर गंगा कहते हैं. धराली गांव पर ये पूरी आपदा आई है. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि ये पूरा हिमालयी क्षेत्र खतरे की चपेट में है. ऐसी लगातार प्राकृतिक आपदाएं संकट का कारण है. इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सोच बनाने की जरूरत है.
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