नई दिल्ली : भारत की ओर बढ़ रहा चीन का 'जासूसी जहाज': आतंकवाद, मिसाइल ट्रैकिंग और समुद्री जासूसी की साज़िश
भारत-पाकिस्तान सीमा पर हालिया सैन्य कार्रवाई और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद अब समुद्र की गहराइयों से एक नई चुनौती सामने आ रही है। चीन का तथाकथित "अनुसंधान जहाज" दा यांग यी हाओ भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसने हिंद महासागर क्षेत्र में खुफिया गतिविधियों की आशंका को हवा दी है।
🇮🇳 पहलगाम आतंकी हमला और भारत की जवाबी कार्रवाई
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई, जिसमें 25 पर्यटक भी शामिल थे। इसके जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाते हुए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर करारा प्रहार किया।
इसमें:
9 आतंकी अड्डे नष्ट किए गए
100 से अधिक आतंकवादियों का खात्मा किया गया
पाकिस्तान की कई सैन्य ठिकानों और एयरबेस को नुकसान पहुंचाया गया
दागी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया गया
दुश्मन का एयर डिफेंस सिस्टम फेल कर दिया गया
🔍 अब समुद्र में चीन की चुपचाप घुसपैठ!
ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस विशेषज्ञ डेमियन साइमन ने जानकारी दी है कि चीन का जहाज 'दा यांग यी हाओ' अब भारतीय समुद्री सीमा की ओर बढ़ रहा है।
यह जहाज तकनीकी रूप से अनुसंधान पोत कहा जाता है, लेकिन इसकी क्षमताएं जासूसी, ट्रैकिंग और समुद्र तल स्कैनिंग के लिहाज से बेहद उन्नत मानी जाती हैं।
⚙️ क्या-क्या कर सकता है 'दा यांग यी हाओ'?
मिसाइल ट्रैकिंग और रेंज डिटेक्शन
समुद्र तल की मैपिंग
पनडुब्बियों की गतिविधियों पर निगरानी
आईएनएस विक्रांत जैसे भारतीय युद्धपोतों की हरकतों पर नज़र
हाइड्रोग्राफिक और समुद्री संसाधन की आड़ में जासूसी
भारत और अमेरिका इसे जासूसी पोत मानते हैं, जबकि चीन इसे वैज्ञानिक उद्देश्य का जहाज बताता है।
🌐 चीन के ऐसे जहाजों का इतिहास और भारत की सतर्कता
2019 से अब तक 48 चीनी जहाज हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात
2023 में 25 अनुसंधान/जासूसी जहाज सक्रिय देखे गए
कई जहाजों ने भारत के मिसाइल परीक्षणों से पहले बंगाल की खाड़ी में संदिग्ध गतिविधियां की
2019 में भारत ने अंडमान-निकोबार के पास एक चीनी जहाज को खदेड़ा
मालदीव ने चीनी जहाज को प्रवेश की अनुमति दी, जबकि श्रीलंका ने रोक लगा दी है
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