9th August 2026

BREAKING NEWS

बैंक में क्लर्क बनने का मौका, आवेदन प्रक्रिया शुरू; जानें योग्यता और पूरी डिटेल

रायपुर समेत 3 शहरों में शुरू हुआ Grain ATM, दूसरे राज्यों के हितग्राही भी उठा सकेंगे लाभ

काउंसलिंग शुरू, 12 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन

बारिश के बाद जमा पानी से बढ़ सकता है बीमारियों का खतरा, बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आएंगे छत्तीसगढ़, 2 सितंबर को रायपुर एम्स के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल

Advertisment

CBSE 3rd Language Rule 2026 : अब 9वीं-10वीं में तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य, 1 जुलाई से लागू होगा नियम

Media Yodha Desk Sun, May 17, 2026

CBSE 3rd Language Rule 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का नियम अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, कक्षा 10 में तीसरी भाषा के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। परिपत्र में कहा गया है, '1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के लिए तीन भाषाओं (आर1, आर2, आर3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए।' सीबीएसई के परिपत्र के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (एनसीएफ-एसई) 2023 के अनुरूप, तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए।

क्या कहता है नया नियम 

बता दें कि, सीबीएसई माध्यमिक विद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार संबंधित भाषा विषयों को तीन स्तर आर1, आर2 और आर3 में बांटा गया है। आर1 छात्र की मुख्य भाषा होगी, आर2 एक अलग भाषा होगी और आर3 शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से अनिवार्य होगी और 2030-31 तक कक्षा 10 तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी। आर1 और आर2 स्तर पर चुनी गई भाषाएं एक जैसी नहीं हो सकतीं और इन्हें एक से अधिक स्तरों पर एक साथ नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। सीबीएसई की अधिसूचना में कहा गया है, "भाषाओं में भारत की दो आधिकारिक भाषाएं यानी हिन्दी, अंग्रेजी और 42 अन्य भाषाएं शामिल हैं। इस प्रकार, भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध सभी अनुसूचित भाषाओं के अलावा, अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाएँ और विदेशी भाषाएं भी पढ़ाई जा रही हैं।"

नौवीं कक्षा से दो स्तरीय गणित और विज्ञान 

गणित और विज्ञान में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से दो-स्तरीय प्रणाली लागू होगी। सभी छात्र गणित के मानक पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे, जिसमें तीन घंटे की 80 अंकों की एक सामान्य परीक्षा शामिल है, जबकि उन्नत घटक में उच्च-स्तरीय सोच कौशल (HOTS) का परीक्षण करने के लिए 25 अंकों का एक अलग प्रश्नपत्र होगा। नया पाठ्यक्रम मौजूदा बुनियादी और मानक गणित प्रणाली का स्थान लेगा; गणित और विज्ञान में दो स्तरीय प्रणाली (मानक + उन्नत) 2026-27 में शुरू होगी, और 10वीं कक्षा की पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित की जाएगी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन