21st June 2026

BREAKING NEWS

छत्तीसगढ़ HC की राज्य सरकार को सख्त फटकार, 6 महीने में नियुक्ति नहीं तो MBBS छात्रों का सर्विस बॉन्ड होगा खत्म

आज छत्तीसगढ़ दौरे पर राहुल गांधी, कांग्रेस जिलाध्यक्षों संग करेंगे अहम बैठक

स्टेपनी टायर में छिपाकर हो रही थी गांजा तस्करी, पुलिस ने 3 तस्करों को किया गिरफ्तार

मुंगेली एसपी भोजराम पटेल ने की लंबित अपराधों और कानून व्यवस्था की समीक्षा

सेंट्रल जेल में बंद आरोपी भी देगा परीक्षा, स्पेशल टीम पहुंची सेंटर

Advertisment

कैट का बड़ा फैसला : ब्रह्मोस एयरोस्पेस के डीजी-सीईओ की नियुक्ति रद्द, डीआरडीओ को झटका

Media Yodha Desk Tue, Dec 30, 2025

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की हैदराबाद बेंच की तरफ से ब्रह्मोस एयरोस्पेस के डायरेक्टर जनरल (डीजी) की नियुक्ति को लेकर डीआरडीओ को बड़ा झटका लगा है. ट्रिब्यूनल ने 25 नवंबर 2024 को जारी उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का डीजी और सीईओ नियुक्त किया गया था. कैट ने साफ कहा कि यह नियुक्ति मनमानी थी और कानून के हिसाब से नहीं की गई.

कैट ने अपने आदेश में क्या कहा

कैट ने अपने आदेश में कहा कि सीईओ की चयन प्रक्रिया में शामिल तीनों उम्मीदवारों को समान रूप से 80-80 अंक दिए गए थे. ऐसे में सबसे जूनियर अधिकारी को चुनने की ठोस वजह लिखित रूप में दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. यह संविधान के अनुच्छेद 14, यानी समानता के अधिकार का उल्लंघन भी है. ट्रिब्यूनल ने जयतीर्थ आर. जोशी को पद से हटाने का निर्देश दिया है.

ए सिरे से विचार करने की सलाह

इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय से कहा है कि सीनियर साइंटिस्ट एस. नांबी नायडू के नाम पर नए सिरे से विचार किया जाए. नायडू ने कैट में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि वह तीनों उम्मीदवारों में सबसे वरिष्ठ और अनुभवी थे, जबकि जोशी सबसे जूनियर थे. कैट ने यह भी पाया कि सिलेक्शन पैनल में उम्मीदवारों के नाम अल्फाबेटिकल ऑर्डर में रखे गए, जबकि ऐसा करने का कोई नियम या मानक प्रक्रिया मौजूद नहीं है. ट्रिब्यूनल ने इसे पारदर्शिता के खिलाफ बताया.

जूनियर साइंटिस्ट के सेलेक्शन की ठोस वजह नहीं

अदालत ने कहा कि “डिस्टिंग्विश्ड साइंटिस्ट” का दर्जा आसानी से नहीं मिलता. यह लंबे अनुभव, वैज्ञानिक योगदान और कड़ी समीक्षा के बाद दिया जाता है. डीआरडीओ में डीजी जैसे शीर्ष पद आमतौर पर डिस्टिंग्विश्ड साइंटिस्ट को ही दिए जाते हैं. इसके बावजूद इस मामले में एक जूनियर साइंटिस्ट को चुना गया, जिसके पीछे कोई ठोस वजह नहीं बताई गई. कैट ने स्पष्ट किया कि डीआरडीओ चेयरमैन का विवेकाधिकार असीमित नहीं है और हर फैसला कारणों के साथ रिकॉर्ड पर होना चाहिए.

राष्ट्रीय सुरक्षा के अहम पद से जुड़ा मामला

ट्रिब्यूनल ने डीआरडीओ को चार सप्ताह के भीतर नए सिरे से फैसला लेने का निर्देश दिया है. साथ ही, तब तक चयनित अधिकारी को अंतरिम प्रभार देने पर भी रोक लगा दी गई है. यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक अहम पद से जुड़ा है, इसलिए अदालत ने योग्यता, अनुभव और वरिष्ठता को सबसे महत्वपूर्ण बताया है.

इन सबके बावजूद ऑपरेशन सिंदूर में अपने पराक्रम से पाकिस्तान को घुटने पर लाने वाले ब्रह्मोस एयरोस्पेस में यह एक दुर्लभ घटना है, जिससे इसकी साख को धक्का लगा है.

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन