अहमदाबाद : अहमदाबाद प्लेन हादसा: डीएनए सैंपलिंग जारी, परिजन ग़मगीन, मृतकों की पहचान में जुटा प्रशासन
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हुए भीषण विमान हादसे के दूसरे दिन शुक्रवार को भी मृतकों के परिजन बड़ी संख्या में सिविल अस्पताल और बीजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। हादसे में मारे गए यात्रियों की पहचान के लिए प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर ब्लड और डीएनए सैंपलिंग का काम किया जा रहा है। अब तक 185 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। विदेश में बसे मृतकों के परिजन भी डीएनए सैंपल देने के लिए अहमदाबाद पहुंच रहे हैं।
तीन दिन में मिलेंगी डीएनए रिपोर्ट
अधिकारियों के अनुसार, डीएनए रिपोर्ट आने में करीब 72 घंटे का समय लगेगा। इसके लिए एक विशेष फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर तैनात है। अस्पताल में आधा दर्जन से ज्यादा डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ काम में जुटा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ली घटना की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अहमदाबाद पहुंचे और उन्होंने एयर इंडिया, DGCA तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों से इस हादसे की जानकारी ली। वहीं, गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बीजे मेडिकल कॉलेज जाकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और घायलों का हाल जाना।
राजस्थान के 12 लोगों की मौत, पूरा परिवार खत्म
इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के डॉक्टर दंपती कोनी व्यास और डॉ. प्रतीक जोशी अपने तीन बच्चों के साथ इस फ्लाइट में सवार थे। लंदन में नई जिंदगी की शुरुआत का सपना देख रहे इस परिवार की आखिरी तस्वीर विमान के भीतर से सामने आई है। इस हादसे में पूरे परिवार की मौत हो गई।
उदयपुर के परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
उदयपुर के संजीव मोदी परिवार पर भी दुख का पहाड़ टूटा है। उनके बेटे शुभम मोदी और बेटी सुगन मोदी की इस हादसे में मौत हो गई। वहीं लंदन में कुक का काम करने वाले प्रकाश चंद और वर्दी चंद की भी इस हादसे में जान चली गई।
पढ़ाई के लिए लंदन जा रही थी पायल
उदयपुर की रहने वाली पायल खटीक लंदन पढ़ाई के लिए जा रही थी। माता-पिता के साथ वह सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंची थी। फ्लाइट में बैठाने के बाद माता-पिता घर लौट रहे थे, तभी हादसे की खबर मिली। इस दुखद घटना से पायल के गांव में शोक की लहर है।
लंदन में बेटी से मिलने जा रहे थे बुजुर्ग दंपती
बड़ोदरा के कुशल मेहता ने बताया कि उनके बुआजी और फूफाजी इस विमान में सवार थे। वे लंदन में रह रही अपनी बेटी से मिलने और एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। दो साल से इस यात्रा की योजना बना रहे थे, लेकिन इस दुर्घटना ने उनकी यात्रा को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।
मृतकों के परिजनों का दर्द छलका
अहमदाबाद सिविल अस्पताल में परिजन बिलखते नजर आए। कई परिजन अब भी अपने प्रियजनों के मिलने की उम्मीद में अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चक्कर काट रहे हैं।
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