नई दिल्ली : इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, दोनों देशों ने किए जबरदस्त हमले; भारतीय नागरिकों के लिए अलर्ट जारी
admin Sat, Jun 14, 2025
पश्चिम एशिया (Middle East) में स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई है। इज़राइल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच सैन्य टकराव ने गंभीर रूप ले लिया है। इज़राइल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ (Operation Rising Lion) के तहत ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए हैं। इज़राइल के दावों के अनुसार इस हमले में ईरान के परमाणु केंद्रों समेत कई बड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिसमें ईरान के कई वैज्ञानिकों और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने की खबर है।
ईरान का बड़ा पलटवार – 'ट्रू प्रॉमिस थ्री' ऑपरेशन लॉन्च
इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने 'ट्रू प्रॉमिस थ्री' (True Promise III) नामक जवाबी ऑपरेशन के तहत इज़राइल के विभिन्न शहरों पर 150 से अधिक मिसाइलें दागी हैं। इस हमले में अब तक इज़राइल में दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हैं। ईरान का यह जवाब उसके परमाणु कार्यक्रम पर इज़राइली हमलों के प्रतिशोध के तौर पर देखा जा रहा है।
इज़राइल में रह रहे भारतीयों के लिए अलर्ट जारी
इज़राइल में स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए सतर्कता advisory जारी की है। दूतावास ने कहा है कि भारतीय नागरिक इज़राइली प्रशासन व होम फ्रंट कमांड द्वारा जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करें। साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों, जैसे बंकर या सुरक्षा आश्रयों के पास रहें।
ईरान में भारतीयों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू
भारत सरकार ने ईरान में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के मद्देनज़र आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक ईरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। इससे भारतीय नागरिकों को मुश्किल समय में तत्काल सहायता मिल सकेगी।
अमेरिका ने दी ईरान को कड़ी चेतावनी
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका (USA) भी नजर बनाए हुए है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को आगाह करते हुए कहा है कि यदि वह परमाणु समझौते को लेकर आगे नहीं बढ़ता तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना ज़रूरी है, और ईरान को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।
मिडिल ईस्ट में बढ़ी चिंता, वैश्विक बाजार पर असर
इस युद्ध की आशंका के चलते मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। इसके कारण वैश्विक तेल बाजारों पर भी दबाव दिखने लगा है। कच्चे तेल के दामों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय निवेशक इस स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों की राय: बातचीत ही समाधान
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति में दोनों देशों को संयम बरतना चाहिए और आपसी बातचीत से विवाद का हल निकालना चाहिए। इस टकराव से न केवल दोनों देशों को नुकसान होगा, बल्कि इसका असर पूरे विश्व पर पड़ेगा
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