तेहरान/तेल अवीव। : ईरान-इजराइल युद्ध का सातवां दिन: अराक के परमाणु रिएक्टर पर इजराइली सेना का बड़ा हमला, हालात गंभीर
ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव ने अब खतरनाक मोड़ ले लिया है। युद्ध के सातवें दिन इजराइली सेना (IDF) ने ईरान के अराक स्थित हेवी वाटर परमाणु रिएक्टर पर बड़ा हवाई हमला किया है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। इजराइल ने चेतावनी दी थी कि अराक और खोंडब शहर के नागरिक सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं, इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
क्यों है अराक रिएक्टर अहम?
अराक का हेवी वाटर रिएक्टर तेहरान से लगभग 250 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां हेवी वाटर का इस्तेमाल रिएक्टर को ठंडा करने में होता है, लेकिन इससे प्लूटोनियम तैयार किया जा सकता है, जो परमाणु हथियार बनाने में काम आता है। इजराइल का दावा है कि ईरान इस तकनीक का सैन्य इस्तेमाल कर सकता है।
इजराइली सेना के दावे
IDF ने बताया कि उसके 60 लड़ाकू विमानों ने तेहरान सहित ईरान के 20 से अधिक सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। इन ठिकानों में यूरेनियम संवर्धन स्थल, मिसाइल और वायु रक्षा उपकरण निर्माण इकाइयां, परमाणु हथियार अनुसंधान केंद्र प्रमुख हैं। इससे ईरान की रक्षा तैयारियों को बड़ा झटका लगा है।
IAEA की चिंता
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। IAEA ने इजराइल से ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला न करने का आग्रह किया है। हाल ही में एजेंसी ने अराक रिएक्टर का निरीक्षण भी किया था।
ईरान का जवाबी हमला
ईरान भी पीछे नहीं हटा है। उसने इजराइल के आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया। एक मिसाइल हमले में इजराइल के एक अस्पताल के पास स्थित मेडिकल बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा। हालांकि इजराइली सेना ने अपने आयरन डोम वायु रक्षा प्रणाली के जरिए कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।
अमेरिका की नजर
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका की नजर बनी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाया जाएगा। इससे इस संघर्ष में अमेरिका के शामिल होने की आशंका भी बढ़ गई है।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन