: मोहम्मद फारहान की हत्या का मामला सुलझा
Mon, Jun 24, 2024
पुलिस ने छह आरोपियों पर दर्ज किया केस
नागपुर
के बोरियापुरा निवासी मोहम्मद फारहान उर्फ मोहम्मद नियाज (19) की दो महीने पहले नोगा फैक्टरी के पास एक कुएं में लाश मिलने के मामले में पंछपवली पुलिस ने पहले दुर्घटनावश मृत्यु का मामला दर्ज किया था।लेकिन अब, पुलिस को मिली एक महत्वपूर्ण सूचना के बाद जांच में पता चला कि -फारहान का योजनाबद्ध तरीके से अपहरण किया गया था।उसे पीटने के बाद कुएं में धकेल कर हत्या कर दी गई। इस मामले में पंछपवली पुलिस ने अब छह आरोपियों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है।
आरोपियों की पहचान
इस मामले में आरोपी हैं:
- लतीफ उर्फ हैदराबादी ताजुद्दीन शेख (20), निवासी डोबीनगर, मोमिनपुरा
- मोहम्मद शाहिद उर्फ एमपीडीए मोहम्मद असलम (30)
- अब्दुल वसीम उर्फ वसी अब्दुल अजीज (25)
- रेहान उर्फ मोटू मक्का रियाज शेख (25)
- जुनैद मोहम्मद असलम (25)
- इरफान उर्फ गजनी रहमान खान (35), निवासी मोती बागपुलिस ने लतीफ हैदराबादी को गिरफ्तार कर लिया है,-जबकि शाहिद पहले से ही कपिलनगर पुलिस स्टेशन में हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल में है।
शेयर बाजार में गिरावट
घटना की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार शाहिद एमपीडीए और फारहान के जुड़वां भाई अजमान के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।दिसंबर 2023 में अजमान और उसके साथियों ने शाहिद पर हमला किया था।तभी से शाहिद अजमान को सबक सिखाना चाहता था।
योजना का क्रियान्वयन
घटना से तीन दिन पहले तहसील पुलिस ने अजमान को एक हमले के मामले में गिरफ्तार कर लिया था।शाहिद और अन्य आरोपियों ने इस अवसर का फायदा उठाया।21 अप्रैल की रात करीब 8.30 बजे शाहिद और लतीफ ने फारहान को बोरियापुरा के पास रोका और बात करने के बहाने उसे मोटरसाइकिल पर मोती बाग की नोगा फैक्टरी परिसर में ले गए।वहां उन्होंने फारहान को पीटा और कुएं में धकेल दिया।अगले दिन, फारहान की लाश कुएं में मिली।शुरू से ही फारहान के माता-पिता को संदेह था कि यह एक षड्यंत्र था, लेकिन पुलिस के पास सबूत नहीं थे।
पुलिस की जांच
कुछ दिन पहले, तहसील के थाना प्रभारी संदीप बुआ अपनी टीम के साथ डोबीनगर के अपराधियों के घरों की जांच कर रहे थे।शाहिद के घर की जांच के दौरान, एक युवक पुलिस की गतिविधियों की निगरानी करते हुए पाया गया।संदेह के आधार पर उसे पूछताछ के लिए रोका गया।आखिरकार उसने पुलिस को बताया कि लतीफ ने फारहान को कुएं में धकेलने की बात कही थी।इस सूचना के आधार पर, पंछपवली पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।आरोपियों की लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच की गई।पर्याप्त सबूत मिलने के बाद लतीफ हैदराबादी को गिरफ्तार कर लिया गया।उसने अन्य आरोपियों के नाम भी बताए, जिससे फारहान की हत्या का रहस्य सुलझा।अदालत ने लतीफ को पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।शाहिद एमपीडीए को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया जाएगा और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
: हरदोई में दिल दहला देने वाला हादसा बालू से भरा ट्रक झोपड़ी पर पलटा
Wed, Jun 12, 2024
हरदोई में दिल दहला देने वाला हादसा बालू से भरा ट्रक झोपड़ी पर पलटा 8 लोगों की मौत
हरदोई में एक भयानक दुर्घटना में बालू से भरा ट्रक झोपड़ी पर पलट गया, जिससे घर के बाहर सो रहे एक ही परिवार के 8 सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिवार में सिर्फ एक बच्ची बची है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है।
घटना का विवरण
यह दर्दनाक हादसा बुधवार रात 1.30 बजे मल्लावां चुंगी के पास कानपुर हाईवे पर हुआ। मरने वालों में अवधेश (45), उनकी पत्नी सुधा (42), उनके तीन बच्चे सुनैना (11), लल्ला (5), बुद्ध (4), दामाद करन (25), उसकी पत्नी हीरो (22) और बेटी कोमल (5) शामिल हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों की नजर में
मल्लावां कस्बे में उन्नाव मार्ग पर लोग सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रहते हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रात में जब सभी सो रहे थे, तभी अचानक चीख-पुकार सुनाई दी। दौड़कर जब वे अवधेश के घर पहुंचे, तो देखा कि पूरा परिवार ट्रक के नीचे दबा हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी बुलवाकर ट्रक को सीधा किया और बालू को हटवाया।
मोदी कैबिनेट 3.0:
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। डीएम मंगला प्रसाद ने बताया कि ट्रक कानपुर से सफेद बालू लादकर हरदोई जा रहा था। ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घायल बच्ची बिट्टू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
मुख्यमंत्री का संवेदना संदेश
उत्तर प्रदेश
के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घायल बच्ची के समुचित उपचार के भी निर्देश दिए हैं।[caption id="attachment_3978" align="aligncenter" width="646"]
हरदोई में दिल दहला देने वाला हादसा बालू से भरा ट्रक झोपड़ी पर पलटा[/caption]
सुरक्षा उपायों की कमी
इस घटना ने सड़कों पर सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है। सड़क किनारे रहने वाले परिवारों के लिए सुरक्षा के ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है। यह हादसा इस बात का भी संकेत है कि ट्रक ड्राइवरों की लापरवाही और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।
हादसे के बाद की स्थिति
पड़ोसी ने बताया कि वे घर के बाहर लेटे हुए थे, जब अचानक ट्रक के टकराने की तेज आवाज सुनाई दी। उन्होंने देखा कि ट्रक बल्ला के परिवार की झोपड़ी को कुचल चुका था। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर झोपड़ी पर पड़ी बालू को हटाया और 8 शव निकाले। केवल एक बच्ची बची थी, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
सामाजिक और आर्थिक सहायता
इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं को प्रभावित परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए। ऐसे कठिन समय में सामूहिक प्रयासों से ही पीड़ित परिवार को सहारा दिया जा सकता है।
: हिमाचल की मंडी सीट से BJP सांसद कंगना रनोट को थप्पड़ मारने की घटना
Fri, Jun 7, 2024
CISF की लेडी कॉन्स्टेबल सस्पेंड, किसान संगठनों ने किया समर्थन
हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से BJP की लोकसभा सांसद और मशहूर एक्ट्रेस कंगना रनोट को थप्पड़ मारने की घटना तूल पकड़ रही है। CISF की आरोपी लेडी कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना गुरुवार को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर हुई थी, जहां कुलविंदर ने कंगना को थप्पड़ मारा था।इस घटना के बाद कंगना रनोट ने चिंता जताई और कहा, "मेरी चिंता है कि जो आतंकवाद पंजाब में बढ़ रहा है, उसे हम कैसे हैंडल करेंगे।"इस मामले में किसान संगठन कुलविंदर कौर के समर्थन में आ गए हैं। किसान नेता सरवण पंधेर ने कंगना के खिलाफ बयान देते हुए आरोप लगाया कि कंगना का डोप टेस्ट होना चाहिए।
पंधेर ने यह भी दावा किया कि कुलविंदर के बच्चों को गायब कर दिया गया है। उन्होंने सरकार से इसकी जानकारी मांगी है, अन्यथा विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। चंडीगढ़ में किसान नेता जगजीत डल्लेवाल और पंधेर ने कहा कि वे शुक्रवार को DGP गौरव यादव से मिलेंगे और 9 जून को मोहाली में इंसाफ मार्च निकालेंगे।
सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) भी कॉन्स्टेबल के समर्थन में आ गई है। SGPC के प्रधान हरजिंदर धामी ने कहा कि कंगना अपनी जुबान से आतंकवाद फैला रही हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना को गंभीर बताया है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि इस मामले में CISF के अफसरों से बात की है। उन्होंने एयरपोर्ट पर सुरक्षा में लापरवाही को लेकर चिंता व्यक्त की है।
पंजाब में किसान आंदोलन समर्थक कंगना को ट्रोल कर रहे हैं और इसके लिए गाने तक बनाए गए हैं। सिख संगठन इसे CISF कॉन्स्टेबल की बहादुरी बताकर कुलविंदर कौर के माता-पिता को सरोपे देकर सम्मानित कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने नाम रोशन किया है।
इसके अलावा, चंडीगढ़ के एक बिजनेसमैन शिवराज सिंह बैंस ने अपना वीडियो वायरल कर CISF जवान कुलविंदर कौर को एक लाख रुपए देने का ऑफर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व सहायक अटॉर्नी जनरल दविंदर प्रताप सिंह ने कहा कि वे कुलविंदर कौर को मुफ्त में कानूनी सहायता देने को तैयार हैं।इस घटना पर कंगना से दिल्ली में सवाल पूछने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने माइक हटा दिया।
वह मामला, जिसकी वजह से कंगना को थप्पड़ मारा गया
दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनोट ने 27 नवंबर 2020 को एक सोशल मीडिया पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने एक महिला का फोटो पोस्ट करते हुए लिखा था कि किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुई यह महिला वही मशहूर बिलकिस दादी है, जो शाहीन बाग के प्रदर्शन में थी और 100 रुपए लेकर उपलब्ध है।
कंगना ने जिस महिला की तस्वीर पोस्ट की, वह पंजाब में मानसा की किसान मोहिंदर कौर थीं। कंगना को बिलकिस बानो और मोहिंदर कौर को पहचानने में गलती हुई। हालांकि, कंगना ने बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी, लेकिन तब तक इसके स्क्रीनशॉट वायरल हो चुके थे। इसके बाद किसान मोहिंदर कौर ने कोर्ट में मानहानि का केस कर दिया, जिसकी सुनवाई चल रही है।
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कंगना रनोट को थप्पड़ मारने वाली कुलविंदर कौर कौन हैं?
कंगना को थप्पड़ मारने वाली CISF कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर पंजाब के कपूरथला की रहने वाली हैं। कुलविंदर की शादी लगभग 6 साल पहले जम्मू में हुई थी। उनके पति भी
CISF
में कार्यरत हैं। कुलविंदर के 2 बच्चे हैं, एक बेटी जो 6-7 साल की है और एक बेटा जो 5-6 साल का है। ढाई साल से वे चंडीगढ़ में तैनात थीं।कुलविंदर के बड़े भाई शेर सिंह ने कहा कि उन्हें पता चला कि सिक्योरिटी को लेकर यह घटना घटी है। कुलविंदर की स्कैनर पर ड्यूटी थी, जहां बैग, पर्स, मोबाइल चेक होते हैं। यहां कंगना ने कहा कि वे सांसद हैं। कुलविंदर का जवाब था, "हम जानते हैं।" इसे लेकर दोनों के बीच बहस हो गई।उन्होंने कहा, "कंगना बहुत उल्टे-सीधे जवाब देती रही हैं। हमारी मां-बहनों को टके और दिहाड़ी पर आने वाली कहती रही हैं। जबकि, हम सारे देश की लड़ाई लड़ रहे हैं। जो घटना हुई, उसमें तल्खी होना स्वाभाविक है। जो बयान कंगना देती रही हैं, ऐसी तल्खी में जो हमारी बहन ने किया, परिवार उसके साथ है।"कुलविंदर कौर के समर्थन में बढ़ते जा रहे इस मुद्दे ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है, जिसमें विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों ने अपने विचार और समर्थन व्यक्त किए हैं।