सरगुजा : सरगुजा स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई: दो बच्चों की मौत के बाद लापरवाही पर BMO सस्पेंड, डॉक्टर कार्यमुक्त
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के रघुनाथपुर पीएचसी में दो मासूम बच्चों की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए रिश्वत मांगने और शव वाहन उपलब्ध न कराने की घटना पर सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और त्वरित कार्रवाई करते हुए बीएमओ को निलंबित तथा डॉक्टर को कार्यमुक्त कर दिया।
🧒 मासूमों की डूबने से मौत, परिजनों से पैसे की मांग
घटना 18 मई की है, जब ग्राम सिलसिला (लुंड्रा विकासखंड) में 5 वर्षीय जुगनू और 4 वर्षीय सूरज गिरी, जो चचेरे भाई थे, गांव के डबरी में डूब गए। परिवार उन्हें तत्काल रघुनाथपुर पीएचसी लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने पोस्टमॉर्टम के लिए ₹10-10 हजार की मांग की और रकम न देने पर जानबूझकर देरी की गई।
🚑 शव वाहन नहीं मिला, बाइक-मोपेड से लाए घर
इतना ही नहीं, पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को शव वाहन तक उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरन परिजन मासूम बच्चों के शव मोपेड और बाइक से घर ले गए। इस अमानवीय व्यवहार की खबर फैलते ही शासन-प्रशासन हरकत में आया।
👨⚕️ बीएमओ निलंबित, डॉक्टर कार्यमुक्त
कलेक्टर के निर्देश पर:
बीएमओ डॉ. राघवेंद्र चौबे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
पोस्टमॉर्टम के लिए पैसे मांगने वाले डॉक्टर डॉ. अमन जायसवाल को कार्यमुक्त कर अनुबंध समाप्त कर दिया गया।
“घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे अमानवीय कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे,”
— श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री
🤝 पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता
जिला प्रशासन ने दोनों परिवारों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की। कलेक्टर और सीएमएचओ ने गांव पहुंचकर घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली और परिजनों को ढांढस बंधाया।
📊 कार्रवाई का सारांश
विवरण | जानकारी |
|---|---|
मृतक बच्चे | 5 वर्षीय जुगनू और 4 वर्षीय सूरज गिरी |
घटना का स्थान | ग्राम सिलसिला, विकासखंड लुंड्रा |
पीएचसी | रघुनाथपुर |
आरोप | पोस्टमॉर्टम के लिए ₹10-10 हजार की मांग, शव वाहन न देना |
दोषी अधिकारी | BMO डॉ. राघवेंद्र चौबे (निलंबित) |
दोषी डॉक्टर | डॉ. अमन जायसवाल (कार्यमुक्त) |
सहायता राशि | ₹4 लाख प्रति परिवार |
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