दुर्ग। : बैंक अधिकारी बनकर लोन का झांसा, दुर्ग जिले में बड़ी ठगी – 15 ग्रामीणों से लाखों की ठगी, FIR दर्ज
जिले के लिटिया सेमरिया चौकी क्षेत्र में ठगों ने खुद को बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी बताकर ग्रामीणों को लोन देने का झांसा दिया और 10 से 15 ग्रामीणों से लाखों की ठगी कर फरार हो गए।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🎭 कैसे रची गई ठगी की कहानी?
ग्राम बड़े टेमरी भाठापारा निवासी निजेंद्र बारले ने पुलिस को बताया कि 11 मई की शाम दो लोग वाहन से गांव पहुंचे।
उन्होंने खुद को बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी बताया और कहा कि
"हम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीणों को लोन देने आए हैं।"
उन्होंने आधार, पैन कार्ड और जरूरी दस्तावेज इकट्ठा किए और 5 लाख 50 हजार रुपए लोन मिलने का भरोसा दिलाया।
💸 डॉक्युमेंट चार्ज और खाता खोलने के नाम पर वसूली
फर्जी अधिकारी ने अपना नाम अतेश गंजीर बताया और
➡️ पहले 4500 रुपए डॉक्युमेंट शुल्क के तौर पर मांगे,
➡️ फिर 13 मई को दोबारा 4500 रुपए,
➡️ और 15 मई को 25,000 रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
इस तरह निजेंद्र से कुल 34,000 रुपए ऐंठ लिए गए।
📞 फिर नंबर बंद, न कोई संपर्क
जब एक हफ्ते तक लोन की रकम नहीं आई और अतेश ने कॉल उठाना बंद कर दिया, तो निजेंद्र को ठगी का अहसास हुआ।
गांव में पूछताछ करने पर पता चला कि 10 से 15 ग्रामीणों से इसी तरह ठगी की गई है।
📝 FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि
"ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन देने का झांसा देकर ठगी की। प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।"
⚠️ सावधानी ही सुरक्षा
यह घटना एक बार फिर साइबर ठगी और पहचान की पुष्टि के महत्व को उजागर करती है।
👉 कोई भी बैंक अधिकारी दस्तावेज और पैसे लेने के लिए इस तरह गांव में नहीं आता।
👉 किसी योजना के नाम पर कैश या ऑनलाइन ट्रांसफर से पहले बैंक या प्रशासन से सत्यापन जरूरी है
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