बिलासपुर/गौरेला, 25 अप्रैल 2025 : गौरेला रिश्वतकांड: फरार राजस्व निरीक्षक घनश्याम भारद्वाज ने किया सरेंडर, एसीबी ने भेजा जेल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में किसान से रिश्वत मांगने के मामले में फरार चल रहे राजस्व निरीक्षक घनश्याम भारद्वाज ने आखिरकार एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
पिछले दिनों किसान रंजीत सिंह राठौर से जमीन सीमांकन के बदले ₹50,000 की रिश्वत मांगे जाने का मामला सामने आया था, जिसे लेकर घनश्याम भारद्वाज पर धारा 7 पीसी एक्ट 1988 (संशोधित 2018) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
💼 क्या है मामला?
आंदुल गांव के किसान रंजीत सिंह राठौर ने एसीबी में शिकायत की थी कि उसके पिता के नाम पर 2 एकड़ कृषि भूमि का सीमांकन करने के एवज में राजस्व निरीक्षक घनश्याम भारद्वाज ने ₹50,000 रिश्वत की मांग की थी।
👮 राजस्व विभाग का साथी अधिकारी रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
शिकायत के बाद 15 अप्रैल 2025 को राजस्व निरीक्षक संतोष कुमार चंद्रसेन, जो घनश्याम भारद्वाज का सहयोगी है, रिश्वत की पूरी रकम ₹50,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
रकम जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया, और वह इस समय जेल में बंद है।
🚨 ACB के दबाव में घनश्याम भारद्वाज का सरेंडर
मुख्य आरोपी घनश्याम भारद्वाज घटना के बाद फरार हो गया था। लेकिन एसीबी की लगातार छानबीन और दबाव के चलते उसने खुद बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
🔍 ACB की बड़ी कामयाबी, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
इस कार्रवाई से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि एंटी करप्शन ब्यूरो भ्रष्टाचार के मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरतेगा।
राजस्व विभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए यह एक प्रेरणादायक मिसाल है।
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