सुकमा : सुकमा में नक्सलियों की कायराना हरकत, उपसरपंच की हत्या के बाद जंगल में सेना का बड़ा सर्च ऑपरेशन
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी कायराना हरकत से दहशत फैलाने की कोशिश की है। जगरगुंडा थाना क्षेत्र के तारलागुड़ा गांव में माओवादियों ने उपसरपंच मुचाकी रामा की बेरहमी से हत्या कर दी। इस नृशंस वारदात के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने माओवादियों की धरपकड़ के लिए बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
🔥 कैसे दी गई वारदात को अंजाम?
सोमवार को जब उपसरपंच मुचाकी रामा अपने घर में आराम कर रहे थे, तभी ग्रामीणों के भेष में पहुंचे माओवादियों ने उन्हें जबरन घर से उठाया और पास के बेनपल्ली जंगल में ले जाकर धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
⚔️ इलाके में तेज हुआ सर्च ऑपरेशन
घटना के बाद पुलिस और सुरक्षाबलों ने तारलागुड़ा और आसपास के जंगलों में बड़े पैमाने पर सर्च अभियान शुरू कर दिया है। एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जगरगुंडा थाने में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और माओवादियों की तलाश में ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।
✅ बस्तर में एंटी नक्सल ऑपरेशन का असर
बस्तर संभाग में चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के चलते माओवादी बौखलाए हुए हैं। लगातार जंगल में सर्चिंग और दबाव के कारण वे हताशा में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। लेकिन जवानों की सख्ती और रणनीतिक अभियान ने माओवादियों के मंसूबों को लगातार नाकाम किया है।
🌱 सरेंडर करने वालों के लिए पुनर्वास नीति
राज्य सरकार ने माओवाद के खात्मे के लिए पुनर्वास नीति भी चलाई है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को नकद सहायता, रोजगार के अवसर और स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी नीति से प्रेरित होकर अब तक बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
🎯 31 मार्च 2026 तक माओवाद का खात्मा लक्ष्य
सरकार ने माओवाद को जड़ से खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन तय की है। इसी लक्ष्य को देखते हुए सुरक्षाबलों का ऑपरेशन हर दिन और ज्यादा आक्रामक और प्रभावी हो रहा है।
🚁 कर्रेगुट्टा ऑपरेशन में घिरे नक्सली
इधर बीजापुर के कर्रेगुट्टा इलाके में एंटी नक्सल ऑपरेशन आज 15वें दिन में पहुंच गया है। पहाड़ियों में छिपे नक्सलियों की घेराबंदी जारी है और जवानों को रसद पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी की चोटी पर बड़ी संख्या में नक्सली नेता फंसे हैं।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन