भाजपा ने बताया राष्ट्रहित का प्रयास : छत्तीसगढ़ में नक्सल अभियान पर कांग्रेस में मतभेद, भाजपा ने बताया राष्ट्रहित का प्रयास
रायपुर: छत्तीसगढ़ में चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन पर जहां भाजपा सरकार इसे विकास और सुरक्षा का अभियान बता रही है, वहीं कांग्रेस में इस मुद्दे पर मतभेद उभर कर सामने आए हैं। एक ओर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जैसे नेता नक्सल ऑपरेशन का समर्थन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस पर शंका जताई है।
टीएस सिंहदेव ने सरकार की तुलना भगवान राम से की
टीएस सिंहदेव ने हाल ही में एक बयान में कहा, “जैसे प्रभु श्रीराम ने रावण का अंत किया, वैसे ही सरकार अब नक्सलियों का अंत कर रही है।” इस बयान का समर्थन गृह मंत्री विजय शर्मा ने करते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उठाए सवाल
हालांकि, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार की नक्सल नीति पर सवाल खड़े किए हैं। इन नेताओं का कहना है कि नक्सल ऑपरेशन की आड़ में निर्दोष ग्रामीणों को निशाना बनाया जा रहा है और विकास के नाम पर उद्योगपतियों के लिए रेड कारपेट बिछाया जा रहा है।
चरणदास महंत ने विधानसभा में कहा, “आम लोगों को नक्सली बताकर उन्हें मारा जा रहा है।” वहीं भूपेश बघेल ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में बस्तर में जो विकास कार्य हुए, उसी के चलते नक्सलियों का प्रभाव सीमित हुआ। उन्होंने भाजपा पर झूठा श्रेय लेने का आरोप भी लगाया।
भाजपा का पलटवार: नक्सलवाद के खिलाफ हर हाल में लड़ाई
भाजपा प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने कहा कि नक्सलवाद भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इस अभियान पर राजनीति करना जवानों की मेहनत और बलिदान का अपमान है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद खत्म हो रहा है और बस्तर में अब तेजी से विकास हो रहा है।
वरिष्ठ पत्रकार का नजरिया: नक्सल मुद्दे पर सभी सरकारें रही हैं गंभीर
वरिष्ठ पत्रकार उचित शर्मा ने कहा, “नक्सलवाद खत्म होना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।” उन्होंने माना कि सभी सरकारों – चाहे वो रमन सिंह की हो, भूपेश बघेल की हो या वर्तमान साय सरकार – ने अपने-अपने समय में इस मुद्दे पर गंभीरता से काम किया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस में इस मुद्दे पर दो राय होना स्वाभाविक है, लेकिन यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
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