बीजापुर/छत्तीसगढ़ : बीजापुर में बड़ा नक्सल ऑपरेशन शुरू: जंगलों में घुसी फोर्स, घेराबंदी में बड़े नक्सली नेता
नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने बड़े ऑपरेशन की कमान संभाल ली है। हेलीकॉप्टर के ज़रिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी बीजापुर और आवापल्ली पहुंचे हैं। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी खुद मौके पर मौजूद हैं, जिससे ऑपरेशन की गंभीरता और रणनीतिक अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
🔥 उसूर क्षेत्र में ऑपरेशन तेज, घेराबंदी में बड़ा नक्सली कमांडर!
उसूर थाना इलाके में ऑपरेशन की गतिविधि तेज़ है।
जानकारी के अनुसार, नक्सलियों के एक बड़े ग्रुप और उनके लीडर की घेराबंदी कर ली गई है।
जंगल में लगातार हेलीकॉप्टर की आवाजाही से संकेत मिल रहे हैं कि ऑपरेशन निर्णायक मोड़ पर है।
सुरक्षा बलों ने जंगल के चप्पे-चप्पे पर निगरानी बढ़ा दी है और विशेष रणनीति के तहत घेराबंदी की जा रही है।
🚨 21 अप्रैल को मारा गया था इनामी नक्सली वेल्ला वाचम
बीजापुर के बेदरे थाना क्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया था 3 लाख का इनामी नक्सली वेल्ला वाचम।
वह गुंडीपुरी आरपीसी का मिलिशिया प्लाटून कमांडर था।
वेल्ला हाल ही में हुई अंबेली ब्लास्ट की साजिश में भी शामिल था।
इस सफलता ने सुरक्षा बलों को और आक्रामक रणनीति अपनाने के लिए प्रेरित किया।
🧭 बस्तर के जंगलों में घुसकर नक्सलियों पर प्रहार
बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर में नक्सल ऑपरेशन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने जमीन पर पकड़ मजबूत की है।
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में भी फोर्स ने नक्सलियों के गुप्त ठिकानों को टारगेट किया है।
2024 और 2025 में अब तक कई बड़े ऑपरेशन में माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है।
📝 नक्सलियों ने मांगी थी सीजफायर!
लगातार हो रहे ऑपरेशन के दबाव में नक्सली संगठन ने हाल ही में एक पत्र जारी कर सीजफायर की मांग की थी।
यह इस बात का संकेत है कि सरकार की नक्सल नीति और ग्राउंड एक्शन दोनों असरदार साबित हो रहे हैं।
📌 निष्कर्ष:
बीजापुर में चल रहा ऑपरेशन सुरक्षा बलों की रणनीतिक बढ़त का प्रमाण है। जंगलों में जिस तरह से घेराबंदी और खुफिया कार्रवाई की जा रही है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में नक्सल नेटवर्क को करारा झटका लग सकता है। छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की ओर बढ़ रही हैं।
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