14th June 2026

BREAKING NEWS

अब दिन की शुरुआत राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना से, अंत में गूंजेगा राजगीत

छत्तीसगढ़ की ऑयल फैक्ट्री में भीषण आग, कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका, धुएं से इलाके में अफरा-तफरी

नौकरी का झांसा देकर मानव तस्करी! झारखंड की 16 युवतियां कर्नाटक भेजी जा रही थीं, 20 लोग रेस्क्यू

अब नहीं लगाने पड़ेंगे नगर निगम के चक्कर! 24 शहरी सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन मे थाना सिटी कोतवाली द्वारा नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाकर दैहिक शोषण करन

Advertisment

नारायणपुर : अबूझमाड़ मुठभेड़ में 27 माओवादी ढेर, बसवराजू का खात्मा; छत्तीसगढ़ पुलिस की सबसे बड़ी कामयाबी

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली हैजिले में हुई मुठभेड़ में 27 खूंखार माओवादी ढेर कर दिए गए, जिनमें माओवादी शीर्ष नेता नंबला केशव राव उर्फ बसवराजू भी शामिल है। यह मुठभेड़ बस्तर में नक्सल विरोधी लड़ाई का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है।


🛑 बसवराजू का अंत, नक्सल आंदोलन को तगड़ा झटका

डीजीपी अरुण देव गौतम ने बताया कि मारे गए माओवादियों में सीपीआई (माओवादी) का टॉप कमांडर बसवराजू भी शामिल है, जो पिछले कई वर्षों से बस्तर और देशभर में नक्सली हिंसा का मास्टरमाइंड रहा है।

"आज छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए ऐतिहासिक दिन है। शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर दिया गया है, अब नक्सल आंदोलन के खत्म होने की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है,"
अरुण देव गौतम, डीजीपी, छत्तीसगढ़


🇮🇳 शहीद हुए दो डीआरजी जवान, दी गई श्रद्धांजलि

इस भीषण मुठभेड़ के दौरान डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के एक जवान शहीद हुए, जबकि मुठभेड़ के बाद वापसी के दौरान एक अन्य जवान आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आकर वीरगति को प्राप्त हुआ

दोनों जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर लाया गया, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई


🚁 मुठभेड़ के बाद 27 माओवादियों के शव पहुंचे जिला मुख्यालय

अबूझमाड़ मुठभेड़ के बाद 27 माओवादियों के शव नारायणपुर जिला मुख्यालय लाए गए। इनमें कई बड़े इनामी नक्सली शामिल हैं। सुरक्षाबलों ने मौके से हथियार, दस्तावेज और अन्य सामग्री भी जब्त की है


🔥 चार जिलों की डीआरजी ने दिखाया शौर्य

इस ऑपरेशन में नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कांकेर जिलों की डीआरजी यूनिट्स शामिल थीं, जिन्होंने बेहद दुर्गम इलाकों में सटीक रणनीति और साहस से ऑपरेशन को अंजाम दिया। डीजीपी ने नारायणपुर की डीआरजी को विशेष रूप से "शौर्य का प्रतीक" बताया।


🎯 केंद्र सरकार की डेडलाइन से पहले नक्सलवाद का अंत तय

डीजीपी गौतम ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर गृहमंत्रालय द्वारा तय 31 मार्च 2026 की समयसीमा से पहले ही पूरे बस्तर से नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन