चिरमिरी : चिरमिरी में हसदेव नदी की बाढ़ से जलसंकट, 15 दिन तक नहीं होगी नियमित आपूर्ति, प्रशासन ने टैंकर से पानी पहुंचाने शुरू किए
admin Thu, Jul 10, 2025
छत्तीसगढ़ के चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में हसदेव नदी में आई बाढ़ के कारण पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। बीते चार दिनों से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के अनुसार, इंटकवेल और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और मरम्मत कार्य में लगभग 15 दिन लग सकते हैं।
50 वर्षों में सबसे अधिक बारिश बनी जल संकट का कारण
सुनट क्षेत्र में बीते दिनों 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो बीते 5 दशकों में सबसे अधिक है।
बाढ़ के चलते रावत राइजिंग मेन की 50 फीट पाइपलाइन टूट गई और पंप हाउस में भारी मात्रा में बालू-मिट्टी जमा हो गई है।
इस आपदा के चलते शहर की मुख्य पेयजल आपूर्ति व्यवस्था ठप हो गई है।
ओमकार सिंह, PHE विभाग अधिकारी ने बताया:
"इंटकवेल से कचरा निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। पर स्थिति सामान्य होने में 15 दिन का समय लग सकता है।"तुर्रा जल स्रोत बना सहारा, टैंकर से हो रही सप्लाई
पानी की सप्लाई बंद होने से लोग अब प्राकृतिक जल स्रोत 'तुर्रा' पर निर्भर हो गए हैं।
वहां घंटों इंतजार करने के बाद मुश्किल से 2-3 बाल्टी पानी मिल रहा है।
नगर निगम टैंकरों के जरिए जल आपूर्ति कर रहा है, पर भीड़ अधिक और संसाधन सीमित हैं।
स्थानीय निवासी नितिन सिंह ने कहा,
"चार दिन से टोंटी में एक बूंद पानी नहीं आया। टैंकर से भी नाम मात्र का पानी मिल रहा है। तुर्रा में लाइनें लगी हैं। लोग परेशान हैं।"
वाटर टैंकर से सप्लाई अपर्याप्त
एक वार्ड में लगभग 3,000 लोगों की आबादी है
और टैंकर से महज 3,000 लीटर पानी भेजा जा रहा है
यानी प्रति व्यक्ति महज एक लीटर पानी मिल पा रहा हैस्थायी समाधान की जरूरत, विभाग जुटा है तैयारी में
चिरमिरी नगर निगम और PHE विभाग द्वारा फिलहाल टैंकर और जन जागरूकता अभियान के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने स्थायी समाधान की दिशा में भी योजना बनाने की बात कही है।
मुख्य अभियंता (PHE) ने बताया "हम भविष्य में ऐसे हालात न बनें, इसके लिए वैकल्पिक पेयजल स्रोत और आपातकालीन व्यवस्था पर कार्य योजना तैयार कर रहे हैं।"
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