जशपुर (छत्तीसगढ़): : कोरबा-लोहरदगा रेलवे लाइन सर्वे पर जशपुर के तिरसोंठ में ग्रामीणों का विरोध, प्रशासन ने दिया आश्वासन
कोरबा से लोहरदगा तक प्रस्तावित रेलवे लाइन के सर्वे का काम प्रदेश में तेजी से चल रहा है। लेकिन जशपुर जिले के पत्थलगांव ब्लॉक के तिरसोंठ गांव में इस सर्वे को लेकर सोमवार को तनाव के हालात बन गए। सर्वे के लिए पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों को सैकड़ों ग्रामीणों ने गांव में प्रवेश से रोक दिया।
🚩 ग्रामीणों का 5वीं अनुसूची का हवाला, जमीन अधिग्रहण का विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि भारतमाला परियोजना में पहले भी उनकी जमीन ली गई थी, लेकिन मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ
अब बिना मुआवजा दिए नई परियोजना के लिए जमीन सर्वे को वे मंजूरी नहीं देंगे
ग्रामीण नेता रूपनारायण एक्का ने कहा, "यह 5वीं अनुसूची क्षेत्र है, हमारी सहमति के बिना कोई काम नहीं हो सकता"
🤝 प्रशासन का भरोसा: विकास के लिए जरूरी परियोजना, मुआवजे पर विचार
मौके पर पहुंचे अपर कलेक्टर प्रदीप साहू ने कहा, "रेलवे लाइन क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है"
ग्रामीणों को समझाने की कोशिश जारी है, और उच्च अधिकारियों को हालात से अवगत करा दिया गया है
प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मुआवजे और जमीन अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा
👮♂️ गांव में तैनात पुलिस बल, स्थिति नियंत्रण में
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति बनी रहे
हल्की धक्का-मुक्की और बहस के बाद फिलहाल माहौल शांतिपूर्ण है
प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है
📈 रेलवे प्रोजेक्ट से इलाके को मिलेगा विकास का फायदा
कोरबा से लोहरदगा तक रेलवे लाइन बनने से जशपुर समेत पूरे अंचल को आर्थिक और रोजगार के अवसर मिलेंगे
माल परिवहन, पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन ने कहा है कि ग्रामीणों की सहमति के साथ ही आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी
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