धमतरी (छत्तीसगढ़): : धमतरी में अक्षय तृतीया पर अनोखी परंपरा: बच्चों ने रचाई गुड्डे-गुड़िया की शादी, गांव में गूंजी खुशियां
अक्षय तृतीया का पर्व इस बार भी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अपनी अनूठी परंपराओं के साथ धूमधाम से मनाया जा रहा है। यहां बच्चों के बीच गुड्डे-गुड़िया की शादी करवाने की परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है। इस विशेष आयोजन को स्थानीय लोग "चुलमाटी की रस्म" कहते हैं। इस मौके पर गांव में शादी जैसी रौनक छा जाती है और बच्चे बड़े उत्साह के साथ बाराती बनकर ढोल-बाजों के साथ मंडप तक पहुंचते हैं।
🎉 चुलमाटी की रस्म बनी बच्चों की पसंदीदा परंपरा
अक्षय तृतीया से एक दिन पहले गांव के बच्चे गुड्डे-गुड़िया के विवाह का आयोजन करते हैं
गांव की महिलाएं भी बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल होती हैं
बच्चे पूरे साल इस अनोखी रस्म का इंतजार करते हैं
🗣️ स्थानीय बच्चों ने बताया अपनी खुशी
"हम लोग हर साल गुड्डे-गुड़ियों की शादी करते हैं, छत्तीसगढ़िया परंपरा निभाने में बहुत आनंद आता है।"
— तृप्ति कुम्भकार, स्थानीय बच्ची
"चुलमाटी की रस्म हम हर अक्षय तृतीया पर निभाते हैं, इसमें बहुत मजा आता है।"
— गुंजन कुम्भकार, स्थानीय बच्ची
"गांव के सभी बच्चे इस आयोजन में शामिल होते हैं, हमें बड़ा आनंद आता है।"
— गायत्री पटेल, स्थानीय बच्ची
👑 कल निकलेगी गुड्डे राजा की बारात, गुड़िया बनेगी बन्नो
अक्षय तृतीया के दिन गुड्डे राजा की बारात गुड़िया के घर जाएगी
गांव में ढोल-नगाड़ों और गीत-संगीत के साथ बारात निकाली जाएगी
यह परंपरा वर्षों से अक्षय तृतीया पर धमतरी में निभाई जा रही है
🕉️ अक्षय तृतीया: शुभ कार्यों का दिन
हिंदू मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया को विवाह और शुभ कार्यों के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है
इस दिन मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए बड़ी संख्या में शादियां संपन्न होती हैं
धमतरी की यह अनोखी परंपरा इस पर्व की रौनक को और बढ़ा देती है
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